आगरा के युवा अधिवक्ता संघ के संरक्षक सुनील शर्मा की पुलिस दबिश के दौरान मौत के मामले में 28 दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। न तो जांच पूरी हुई और न ही गिरफ्तारी। परिजन को कार्रवाई का इंतजार है। वो कई बार पुलिस आयुक्त से भी मिल चुके हैं।
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मंगलम आधार अपार्टमेंट, शास्त्रीपुरम निवासी सुनील शर्मा के फ्लैट पर एक मार्च को थाना न्यू आगरा पुलिस ने दबिश दी थी। वह एक मामले में आरोपी थे। तत्कालीन एसओ न्यू आगरा राजीव कुमार के साथ पुलिस पहुंची थी। आठवीं मंजिल से गिरकर अधिवक्ता की मौत हुई। पत्नी सुनीता शर्मा ने पुलिस पर पति को धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
थाना सिकंदरा में तत्कालीन एसओ और चौकी प्रभारी सहित 8-10 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज है। पुलिस घटना को हादसा मान रही थी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट से डेमो कराया गया। पुतला गिराकर देखा गया। पुलिस का कहना है कि इसकी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।
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घटना के बाद आक्रोशित परिजन ने हंगामा किया था। अधिवक्ता भी आंदोलनरत थे। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीसीपी सिटी सूरज राय का कहना है कि विवेचना चल रही है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।