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अधिवक्ता प्रकरण : पैरवी मोहिनी को भारी पड़ी

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कासगंज। महिला अधिवक्ता प्रकरण में पति द्वारा जिन छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इनमें दो आरोपी भाइयों के खिलाफ मोहिनी तोमर एक केस में पैरवी कर रही थीं। इस प्रकरण में उन पर आरोपियों द्वारा राजनीमा कराए जाने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी प्रकरण को लेकर महिला अधिवक्ता की हत्या का आरोप लग रहा है। करीब एक माह पूर्व सोरोंजी के मोहल्ला टेढ़ानीम निवासी शिवशंकर अपने केस की तारीख के सिलसिले में जिला न्यायालय आया था। यहां क्रिकेट के पुराने विवाद में अधिवक्ता हैदर व उसके भाई सलमान ने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी थी। इस मामले में पीड़ित शिवशंकर ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण में अधिवक्ता हैदर सहित अन्य को जेल भी जाना पड़ा। हालांकि बाद में जमानत हो गई। इस मामले में अधिवक्ता मोहिनी तोमर वादी शिवशंकर के केस में आरोपियों हैदर व सलमान सहित अन्य के खिलाफ पैरवी कर रही थीं। मोहिनी तोमर हत्याकांड में जिन छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें हैदर व सलमान भी शामिल हैं। मृतका के पति बृजतेंद्र तोमर ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी पक्ष से मोहिनी तोमर पर लगातार राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा था। इससे वह काफी दिनों से परेशान भी थीं। वह इस केस को हाईकोर्ट लेकर जाने वाली थीं। इसके चलते ही उनके साथ यह घटना घटित हुई है। कासगंज दंगे के आरोपी के खिलाफ भी कर रही थीं पैरवी : मोहिनी तोमर के पति द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मुनाजिर रफी को आरोपी बनाया गया है। कासगंज में वर्ष 2018 में दंगे हुए थे। इस दंगे में मुनाजिर रफी को भी आरोपी बनाया गया था। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अधिवक्ता मोहिनी तोमर ने मुनाजिर रफी की जमानत का विरोध करते हुए वादी पक्ष की ओर से पैरवी की थी।
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