मैनपुरी। मौसम को देखते हुए किसानों के लिए उद्यान विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका जताई है।
विभाग की ओर से आलू, आम, केला और सब्जियों की फसलों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभिन्न उद्योगों से फसलों को बचाने की गाइड लाइन जारी की गई है। मौसम में आ रहे बदलाव के चलते फसलें प्रभावित हो सकती हैं इसके लिए किसानों से कहा गया है कि वे समय-समय पर फसलों की पत्तियों पर नजर रखें। तापमान में गिरावट, कोहरा से मौसम प्रतिकूल होगा। बूंदाबादी की स्थिति में आलू की फसल झुलसा रोग का शिकार हो सकती है।
जनपद में 60 हजार हेक्टेयर से अधिक आलू की फसल की बुवाई हुई है। आलू पर मौसम का प्रकोप अधिक होता है। झुलसा रोग तेजी से फैलता है और फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है। झुलसा होते ही पत्तियां काली पड़ने लगती है। पत्तियों पर भूरे, काले रंग के धब्बे बनते हैं। पत्तियों पर रुई की तरह फफूंद लगने लगती है।
10 से 20 डिग्री तापमान पर ये रोग अधिक नुकसान पहुंचाता है। दो से चार दिनों में ही फसल को नष्ट कर देता है। आलू को झुलसा से बचाने के लिए कार्बेडाजिम 12 प्रतिशत, मैंकोजेब 63 प्रतिशत, 2 से 2.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर अथवा प्रोपिनेब 2 से 2.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 800 से एक हजार लीटर पानी में घोलें और फसल पर छिड़काव करें। मांहू कीट के प्रकोप को रोकने के लिए इमिडाइक्लोप्रिड 17.1 प्रतिशत पानी में घोलकर छिड़काव करें।