प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड योजना में 200 बेड का आधुनिक बाल अस्पताल बनेगा। ये आठ मंजिला भवन होगा। 150 बेड सामान्य वार्ड में होंगे। 50 बेड का नवजात सघन चिकित्सा कक्ष होंगे। इसमें अतिगंभीर बच्चों का इलाज होगा। जांच के लिए बच्चों को पैथोलॉजी विभाग नहीं जाना पड़ेगा। इसी में कलेक्शन सेंटर होगा। बच्चों में अस्थमा-टीबी और एलर्जी की बीमारी के लिए अलग से ब्रोंकोस्कॉपी लैब भी होगी। पेट की बीमारियों की जांच के लिए एंडोस्कोपी लैब भी होगी।
इसी इमारत में बच्चों की सर्जरी के लिए दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनेंगे। बाल रोग की ओपीडी भी इसी भवन में लगेगी। कॉलेज प्रशासन से जमीन चिह्नित करते हुए लोक निर्माण विभाग को रिपोर्ट सौंप दी है। डीपीआर के लिए अंतिम सर्वे बाकी है। अगले साल दिसंबर तक यह तैयार हो जाएगा। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि अभी 120 बेड का विभाग है। एडवांस बाल अस्पताल बनने से आसपास के जिलों के मरीजाें को भी इलाज मिलेगा।