एसएसपी की डीपी लगाकर पहले एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया। इसमें अश्लील वीडियो डाल दी। इसका पता चलते ही पुलिस ने वीडियो डालने वाले को ग्रुप से निकाल दिया। मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है।
यह ग्रुप पुलिस और प्रेस के नाम से बनाया गया। इसमें मंगलवार सुबह यह अश्लील वीडियो डाली गई। इसका पता चलने पर जैसे ही कमेंट आने शुरू हुई, वैसे ही इसे डिलीट कर दिया गया।
एसएसपी के निर्देश पर हर थाने का व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है। इसमें थाना क्षेत्र के 100-100 लोगों को जोड़ा गया है। इनके माध्यम से पुलिस अपनी बातें लोगों तक पहुंचाएगी।
ग्रुप के सदस्यों से कहा जाएगा कि अगर उनके पास कोई सूचना आती है तो वे पुलिस से साझा करें। ग्रुप का उद्देश्य किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकना है।
‘सुलहकुल की नगरी का सौहार्द बिगड़ने नहीं देंगे’
अयोध्या मामले में संभावित फैसले के मद्देजर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मंगलवार को छत्ता, मंटोला, सदर, जगदीशपुरा, लोहामंडी में लोगों के साथ बैठक की।
एसएसपी बबलू कुमार ने अपने आवास पर हिंदू और मुस्लिम संगठनों के साथ वार्ता की। इस दौरान दोनों समुदाय के लोगों ने कहा कि फैसला जो भी आए हम सुलहकुल की नगरी में सौहार्द बनाए रखेंगे।
मंटोला के गर्ल्स इंटर कॉलेज में डीएम एनजी रवि कुमार और एसएसपी बबलू कुमार ने लोगों के साथ मीटिंग की। डीएम ने कहा कि किसी अफवाह पर ध्यान न दें। कोई गलत बात सुनाई दे तो 100 नंबर पर फोन करें।
एसएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई भड़काऊ संदेश आए तो तुरंत पुलिस को बताएं। सीओ उदयराज सिंह ने कहा कि अयोध्या मामले में फैसला 17 नवंबर को संभावित है। लोग शांति बनाए रखें। डॉ. शिराज कुरैशी, टीएन अग्रवाल, हाजी बिलाल कुरैशी, इमरान कुरैशी मौजूद रहे।
सदर के शहीद नगर में अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ विनोद जोशी और इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने लोगों के साथ मीटिंग की। पार्षद जगदीश पचौरी, सलीम आदि मौजूद रहे।
लोगों ने कहा कि यहां सब लोग मिलजुल कर रहते हैं, फैसले केबाद शांति बनी रहेगी। एसएसपी आवास पर मीटिंग में दोनों समुदाय के लोग बुलाए गए। एसएसपी ने बताया कि सभी ने भरोसा दिया है कि फैसले के बाद शहर में अमन और शांति बनाए रखेंगे।