आगरा। प्रधानों को प्रशासक बने एक माह पूरा होने को हैं। उनकी ओर से एक भी विकास कार्य का प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। जबकि कार्यकाल समाप्त होने के बाद बीते 25 दिनों में पुराने कार्यों पर करीब 20 लाख खर्च कर चुके हैं। उनके कोई प्रस्ताव न भेजने से ऐसा लग रहा जिले की किसी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जरूरत नहीं है। पिछले महीने 26 मई प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रधानों को ही प्रशासक बना दिया था। जिससे कि ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में रुकावट न आ सके। उसके लिए पंचायत में नए कार्य कराने के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की गई। जिसमें प्रशासक को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्ताव लाकर जिला पंचायत राज अधिकारी के समक्ष पेश करना होगा। उसे जिलाधिकारी अंतिम स्वीकृति देंगे।
लेकिन जिले की 690 ग्राम पंचायतों में से प्रशासक बनने के बाद किसी प्रधान ने कोई प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के पास नहीं भेजा है। उनके किसी नए विकास कार्य के प्रस्ताव न भेजने से लग रहा है कि किसी भी पंचायत में कोई विकास कार्य की जरूरत नहीं हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। जिले की कई ग्राम पंचायतों में नाली, खड़ंजा, जलभराव आदि की समस्या है। ग्राम पंचायतों में पुराने कार्यों पर ही बजट खर्च हो रहा है।
खुली बैठकें की जाएंगी
प्रधानों के प्रशासक बनने के बाद कोई नया प्रस्ताव नहीं आया है। अब नए प्रस्ताव तैयार करने के लिए गांवों में खुली बैठकें आयोजित की जाएंगी।- मनीष कुमार, डीपीआरओ