रुनकता में बदहाल रास्ते को लेकर हाईवे जाम की चेतावनी के बाद प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गए तथा एक किसान नेता को नजरबंद कर दिया गया। ग्रामीणों के जोरदार प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने रास्ते पर मरम्मत कार्य शुरू कराया, हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इसे स्थायी समाधान मानने से इनकार कर दिया।
आगरा के विकासखंड अछनेरा की ग्राम पंचायत रुनकता के जगरेला मोहल्ले में बदहाल रास्ते को लेकर ग्रामीणों और किसान नेताओं की आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासन शुक्रवार को पूरी तरह अलर्ट पर रहा। किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह को सुबह से ही उनके अर्जुन नगर स्थित आवास पर शाहगंज पुलिस ने नजरबंद कर दिया।
विज्ञापन
जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं किसान मजदूर नेता धीरज सिकरवार के नेतृत्व में ढोल, नगाड़ों के साथ नारेबाजी करते हुए रुनकता चौराहे पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही एसीपी हरिपर्वत अमीषा सिंह, नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी, कानूनगो अनिल सोलंकी, रुनकता चौकी प्रभारी तथा भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण तत्काल रास्ते पर काम शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले भी बुधवार से काम शुरू कराने का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रास्ते का स्थायी निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी दौरान प्रशासन ने आनन-फानन में रास्ते पर मिट्टी के चार डंपर डलवाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के आश्वासन और काम शुरू होने पर ग्रामीण शांत हुए और वापस लौट गए। हालांकि किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और धीरज सिकरवार ने कहा कि चार डंपर मिट्टी डालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। साथ ही ग्रामीणों ने रुनकता ग्राम सचिव वीरेंद्र सिंह पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग भी दोहराई।