ताजमहल में एडीजी ने किया निरीक्षण
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ताजमहल का सुरक्षा घेरा और सख्त होगा। यलो और रेड जोन में निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनेगा, जिससे पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मॉकड्रिल की संख्या बढ़ाई जाएगी। पर्यटकों को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिससे वो सुखद अनुभव के साथ वापस जाएं। एडीजी सुरक्षा विनोद कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को ताजमहल के निरीक्षण के बाद सुरक्षा संबंधी बैठक में यही बात कही।
एडीजी सुरक्षा विनोद कुमार सिंह सुबह 11 बजे ताजमहल पहुंचे थे। उन्होंने ताज के अंदर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था को देखा। सीसीटीवी कैमरों के कार्य करने के बारे में जानकारी ली। बैरियर और वाच टावर पर तैनात पुलिस और पीएसी के जवानों की संख्या के बारे में पूछा। ताज में तकरीबन डेढ़ घंटा गुजारने के बाद एडीजी ने सर्किट हाउस में बैठक की।
उन्होंने ताज की सुरक्षा के लिए सभी विभागों से बेहतर समन्वय से काम करने और विशेष कार्य योजना (एसओपी) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मॉकड्रिल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी को तैयार होना चाहिए। इसी हिसाब से मॉकड्रिल कराई जाएं। इसमें कर्मचारी से लेकर अधिकारी होने चाहिए। मॉकड्रिल की संख्या भी बढ़ाई जाए। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम होना चाहिए, जिससे बेहतर तरीके से निगरानी की जा सके।
बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे होंगे ठीक
ताजमहल के यलो जोन में बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों पर भी बैठक में चर्चा हुई। एडीजी ने कैमरों को जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। यलो जोन में शिल्पग्राम के पास पुलिस का कंट्रोल रूम बना हुआ है। अब इस कंट्रोल रूम को अपग्रेड किया जाएगा। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम तैयार किया जाएगा। पुलिसकर्मी इसी कंट्रोल रूम से निगरानी करेंगे। ताज के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।
प्रमुख बिंदु
- ताजमहल की सुरक्षा में अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और भी सुदृढ़ होगी।
- मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को इस वर्ष अधिक करने का भी निर्णय लिया गया।
- देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविध और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विचार विमर्श करके योजना बनाई जाएगी।
- यमुना की तरफ से वाच टावरों से निगरानी की व्यवस्था पहले से है। इसे और सुदृढ़ किया जाएगा।