आगरा के एक मात्र सार्वजनिक प्रेक्षागृह सूर सदन की फीस बढ़ने जा रही है। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सूरसदन के रखरखाव पर खर्च अधिक होता है और उसके मुताबिक आमदनी नहीं है।
2013 में निर्धारित हुई दरों के आधार पर ही फीस ली जाती है। अब 2018 में दोबारा फीस का निर्धारण विचार चल रहा है। लेकिन एडीए सूरसदन की दशा सुधारने की ओर ध्यान नहीं है। बरसात में हाल की छत से पानी टपकता है। एयर कंडीशनर कारगर नहीं है।
कुर्सियां आरामदायक नहीं है। साउंड सिस्टम को लेकर भी शिकायतें हैं। फाल सीलिंग टूट रही है। टायलेट की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। दो साल पहले ही मरम्मत के नाम पर करीब दो करोड़ खर्च किया जा चुका है लेकिन हाल की दशा नहीं सुधरी है।