फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: सरकारी जमीन पर एनओसी की जांच में जुटा प्रशासन और एडीए, कई अफसर-बाबू की बढ़ सकती है मुश्किल

Fri, 25 Sep 2026 11:59 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई एक जानकारी में जब कलेक्ट्रेट और प्राधिकरण के पत्राचार का मिलान किया गया, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पता चला कि पत्रावली से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य गायब किए गए और एनओसी जारी कराने के लिए फाइल को संदिग्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।
विज्ञापन
आगरा विकास प्राधिकरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकारी जमीन पर बिल्डर को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के मामले में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कलेक्ट्रेट और प्राधिकरण के कई अफसर व बाबू जांच के घेरे में हैं। नवागत उपाध्यक्ष विजय कुमार ने सचिव संजय कुमार को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। सचिव ने प्रकरण से जुड़ी मूल फाइल अपने पास तलब कर ली है।
विज्ञापन


अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्राधिकरण की ओर से यह पड़ताल की जा रही है कि जब राजस्व और सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से संबंधित भूमि राजकीय स्थान के रूप में दर्ज थी तो फिर किस आधार और किन नियमों को ताक पर रखकर बिल्डर के पक्ष में एनओसी जारी कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, बिल्डर को फर्जी तरीके से एनओसी दिलाने के इस पूरे नेटवर्क में सरकारी दस्तावेज और राजस्व आख्या में हेरफेर व छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई एक जानकारी में जब कलेक्ट्रेट और प्राधिकरण के पत्राचार का मिलान किया गया, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पता चला कि पत्रावली से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य गायब किए गए और एनओसी जारी कराने के लिए फाइल को संदिग्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।

प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई पत्रावली और प्राधिकरण की ओर से जारी एनओसी से जुड़े प्रत्येक दस्तावेज का बारीकी से मिलान हो रहा है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -विजय कुमार, उपाध्यक्ष, एडीए
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें