यूूनीफार्म क्रय करने में अभिभावकों की मनमानी नहीं चल सकेगी।परिषदीय स्कूलों के छात्रों को यूनिफार्म के साथ जूता, मोजा और स्टेशनरी खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से धन उपलब्ध कराया जाता है।इसके साथ ही यूनीफार्म में बच्चे का फोटो भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
कासगंज। यूूनीफार्म क्रय करने में अभिभावकों की मनमानी नहीं चल सकेगी। यूनिफार्म में विद्यालय आने वाले बच्चों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। साथ ही शासन से मिलने वाली अनुदान की राशि का सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा सामग्री न खरीदने वाले अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों के छात्रों को यूनिफार्म के साथ जूता, मोजा और स्टेशनरी खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से धन उपलब्ध कराया जाता है। ताकि अभिभावक अपने पढ़ने वाले बच्चों के लिए ये सामग्री खरीद सकें। वर्तमान सत्र में शासन 1200 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से धनराशि उपलब्ध करा रहा। वर्तमान शिक्षा सत्र में 1263 परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.63 लाख बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाना है। इसमें से 1.34 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में यह धनराशि भेजी जा चुकी है। शेष बच्चों को धनराशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच जिन छात्रों के खातों में धनराशि भेजी गई है, उनकी जांच के लिए उनकी यूनिफार्म पहने ड्रेस प्रेरणा एप पर अपलोड किया जा रहा है। इस कार्य के लिए शासन से निर्देश जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं यूनिफार्म खरीदा गया या नहीं इसका सत्यापन भी किया जाएगा। विभाग का मानना है कि अभिभावक यूनिफार्म न खरीदकर धन का उपयोग अपने निजी कार्यो में कर लेते है।इसके चलते छात्र या तो बिना यूनिफार्म के विद्यालय पहुंचते है या फिर फटे पुराने यूनिफार्म पहनकर का अपना काम चलाते हैं।
शासन से यूनीफार्म व अन्य सामान खरीदने के लिए जो धन दिया गया है उसका सत्यापन होगा। इसके साथ ही यूनीफार्म में बच्चे का फोटो भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। बच्चे यूनीफार्म में स्कूल आएं इसके लिए अभिभावकों को जागरूक भी किया जा रहा है- राजीव यादव, बीएएसए