यूपी बोर्ड परीक्षा 2015 में जिन परीक्षा केंद्रों में बड़ी गड़बड़ी पाई गई थी, उनको चालू शैक्षणिक सत्र की परीक्षा के लिए केंद्र नहीं बनाया गया है। यह निर्णय जिला स्तरीय परीक्षा समिति ने लिया है। ऐसे करीब दो दर्जन विद्यालयों के संचालक अपने स्कूल को केंद्र बनवाने के लिए शासन स्तर पर जुगाड़ करने में लगे हैं।
पिछले सत्र की बोर्ड परीक्षा में तमाम विद्यालयों में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। उनमें पुन: परीक्षा कराने के साथ विद्यालय का नाम काली सूची में डाले जाने का प्रस्ताव भेजा गया था। कई परीक्षा केंद्रों पर तो एसडीएम ने खुद सामूहिक नकल और अन्य गड़बड़ी पकड़ी थी। जिलाधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके बाद भी किसी विद्यालय में पुन: परीक्षा नहीं हुई और न ही किसी का नाम काली सूची में शामिल किया गया। कुछ विद्यालयों की जांच जरूर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को सौंपी गई थी, लेकिन उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परीक्षा केंद्रों की संख्या हुई 345
आगरा। जिले में यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों की संख्या 345 हो गई है। पहली सूची में 315 विद्यालयों का नाम शामिल था। आपत्तियां और प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद 30 परीक्षा केंद्रों के नाम अंतिम सूची में बढ़ा दिए गए। जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार यादव ने बताया कि जिन विद्यालयों की रिपोर्ट ठीक थी, उनको ही केंद्र बनाया गया है।