उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की हत्या के आरोपी अधिवक्ता मनीष शर्मा की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। पुलिस उसके उपचार की जानकारी ले रही है।
आरोपी के शरीर में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जीवन रक्षक प्रणाली (वेंटीलेटर) पर होने के बावजूद सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। सांस के लिए उसके गले में नली डाली गई है।
पुलिस को इंतजार है कि उसकी हालत ठीक हो जाए ताकि उससे पूछताछ की जा सके। उसके परिजन भी उससे अभी तक दूरी बनाए हुए हैं। उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है। पुलिसकर्मी उसके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।
केस में हैं दो और नामजद
दरवेश यादव और लाल घेरे में हत्यारोपी मनीष
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इस केस में दो और नामजद हैं। मनीष की पत्नी वंदना और अधिवक्ता विनीत गुलेचा। पुलिस ने अभी तक उनसे पूछताछ तक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पहले चश्मदीदों के बयान होंगे। इसके बाद ही जांच आगे बढ़ेगी।
उधर, पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब के संयुक्त निदेशक डॉ. एके मित्तल से कहा है कि इस केस में परीक्षण रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए। मौके से मिले पिस्टल, कारतूस और खोखे लैब में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
हत्याकांड के आठ चश्मदीदों में शामिल इंस्पेक्टर सतीश यादव ने पुलिस के नोटिस का कोई जवाब तक नहीं दिया है। वो मैनपुरी पुलिस लाइन में तैनात है। उसे बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
पुलिस को चाहिए इस सवाल का जवाब
घटना के चश्मदीद इंस्पेक्टर सतीश यादव
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दरअसल, अन्य चश्मदीदों ने बताया है कि मनीष को गुस्सा सतीश को देखकर ही आया था। पुलिस जानना चाहती है कि सतीश और मनीष के बीच क्या विवाद चल रहा था।
इस पर सतीश ने कोई जवाब नहीं दिया है। न ही वह बयान दर्ज कराने के लिए आया। जांच अधिकारी का कहना है कि नोटिस सतीश को रिसीव करा दिया गया लेकिन वह नहीं आया है।