कुरावली (मैनपुरी)। कासगंज निवासी हर्षित गुप्ता की हत्या के मुख्य आरोपी जावेद खां को कुरावली पुलिस ने मंगलवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हर्षित पर धर्म परिवर्तन को लेकर दबाव बनाता था। 19 दिन से लापता हर्षित का शव रविवार की शाम दिवरई गेट स्थित एक कमरे में फंदे से लटका मिला था। पुलिस अब शेष दो आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
कासगंज के राजीव नगर निवासी हर्षित गुप्ता (25) 16 जुलाई से लापता था। उससे बात नहीं हो पाने पर रविवार को पिता आलोक गुप्ता ने थाने में जावेद पर पुत्र को गायब कर देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। इसके बाद शाम के समय पुलिस जब जावेद के गांव दिवरई गेट के पास तालाब किनारे कमरे में पहुंची तो वहां हर्षित का सड़ा गला शव फंदे पर लटका मिला था। इस घटना के बाद मृतक के पिता आलोक ने पुलिस को बताया कि जावेद हर्षित को घर पर नहीं आने देता था। 6 नवंबर 2023 को पत्नी की मौत के बाद पुत्र हर्षित को मां की उठावनी और तेहरवीं के क्रिया कर्म भी शामिल नहीं होने दिया था। उन्हें खुद पुत्र हर्षित ने बताया था कि वह मजबूर है, इसलिए घर नहीं आ सकता। अगर घर आएगा तो उसके साथ कोई घटना हो सकती है। जावेद उस पर धर्म परिवर्तन को लेकर दबाव बनाता है। उसे किसी हिंदू कार्य में भी शामिल नहीं होने देता है। आलोक ने जावेद, उजैन खान और जैन रजी के खिलाफ पुत्र की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद मंगलवार की सुबह पुलिस ने सिरसा अंडर बाईपास पुल के पास से आरोपी जाविद उर्फ जावेद खां को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सीओ भोगांव सुनील कुमार ने बताया कि शेष दो आरोपियों को भी पुलिस शीघ्र गिरफ्तार करेगी।
डीएनए जांच से खुलेगा राज
पैनल से हर्षित गुप्ता का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद चिकित्सक दल ने मृतक का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा। शव कई दिन पुराना होने की वजह से कंकाल में तब्दील हो चुका था। ऐसे में डीएन जांच से पुख्ता हो जाएगा कि शव हर्षित का ही था। इसके साथ ही मौत से जुड़े राज खुलने की उम्मीद है।