दिल्ली निवासी निखिल मेहरा को आगरा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। उस पर फरवरी 2021 में अहमदाबाद में फर्जी आयकर अधिकारी बनकर पांच किलो सोना लूटने का आरोप है। वह करीब छह वर्ष से आगरा में छिपकर रह रहा था।
गुजरात पुलिस ने निखिल की तलाश के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ से मदद मांगी थी। एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने इंस्पेक्टर हुकुम सिंह को उसकी गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा। पूछताछ में निखिल ने बताया कि लॉकडाउन से पहले वह आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाकर कर्जदार हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने लूट की योजना बनाई। इस योजना में उसके कई साथी भी शामिल थे।
आगरा में ही बनवाया था पहचानपत्र
निखिल ने यह भी बताया कि उसने आगरा के फतेहपुर सीकरी में रहने वाले एक दोस्त योगेश के जरिये अन्य साथियों पुष्कर चौधरी, बाबू सिंह तोमर से संपर्क किया। दोनों के जरिये मलपुरा के सुंदर जाट, इरादतनगर के बिहारी उर्फ सतीष मथुरा के चंद्रभान, मुरैना के मुनेंद्र और मनसुखपुरा के रविंद्र से परिचय हुआ।
आगरा में ही उसने आयकर अधिकारी पद के फर्जी पहचानपत्र बनवाए थे। फरवरी 2021 में वह अपने साथियों के साथ किराए की गाड़ी लेकर अहमदाबाद पहुंचा। वहां गाड़ी में नीली बत्ती लगाई। वडोदरा थाना क्षेत्र में एक बस को रुकवाया। बस से सोना लेकर जा रहे दो युवकों को उतार लिया। उन्हें गाड़ी में डालकर ले गए। रास्ते में सोना छीनकर दोनों के हाथ-पैर बांधकर सड़क पर फेंक दिया था। उसके हिस्से में आधा किलो सोना आया था।
पहले ही पकड़ लिए गए थे साथी
गुजरात पुलिस ने निखिल के अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, निखिल भागने में सफल रहा था। वह खुद को बचाने के लिए आगरा में यहां बाईपुर क्षेत्र के रामरघु आनंदा सोसाइटी में फ्लैट में एक महिला मित्र के साथ फ्लैट में छिपकर रह रहा था। एसपी एसटीएफ राकेश कुमार ने बताया कि अब गुजरात पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को लेकर जाएगी।