आगरा के न्यू आगरा थाने में 16 साल पहले शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट व अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पीड़ित टीसीआई व अन्य कोई अदालत में गवाही देने नहीं पहुंचा। प्रतिकूल आदेश, गैर जमानती वारंट भी जारी हुए। इस पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने साक्ष्य के अभाव में थाना कागारौल क्षेत्र के गांव बानपुर निवासी सगे भाई जल सिंह और गगन सिंह को दोषमुक्त किया।
थाना न्यू आगरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार तत्कालीन टीएसआई उमेश कुमार दुबे ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 29 नवंबर 2009 को उनकी ड्यूटी भगवान टॉकीज चौराहे पर थी। सुबह 10:30 बजे बाइक पर तीन सवारियां बैठी दिखीं। उनके साथ ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ने बाइक रोक ली। चालान करने पर बाइक सवार युवक ने उनसे मारपीट कर दी।
पुलिस ने थाना कागारौल क्षेत्र के गांव बानपुर निवासी सगे भाई जल सिंह और गगन सिंह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट व अन्य आरोपों की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपियों ने जमानत करा ली। 14 सितंबर 2012 को मुकदमे के विचारण के लिए अदालत ने आरोप तय किए। अदालत की ओर से पारित अनेक प्रतिकूल आदेश के बावजूद पीड़ित सहित एक भी गवाह 13 साल में अदालत में हाजिर नहीं हुआ। पुलिस ने भी कोई साक्ष्य पेश नहीं किए।
ऐसे में 4 अक्तूबर 2025 को अदालत ने पक्ष रखने का अवसर समाप्त कर दिया। 10 अक्तूबर को अभियोजन पक्ष ने प्रार्थना पत्र देकर साक्ष्य अवसर प्रदान करने की मांग की। इसके बाद भी कोई उपस्थित नहीं हुआ।