आगरा। नोटिस भेजने के 15 दिन बाद मुकदमा दायर करने का प्रावधान है। पीड़ित के अधिवक्ता ने पहले ही मुकदमा कर दिया। इस पर विशेष न्यायालय 138 एनआई एक्ट के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने मुकदमा प्री मेच्योर होने से आरोपी मानू खान को दोषमुक्त कर दिया।
थाना लोहामंडी क्षेत्र के सिरकी मंडी निवासी सुनील वर्मा ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में मुकदमा दायर किया। आरोप लगाया कि आरोपी मानू खान ने उनकी फर्म मुकुल ट्रेडर्स से 2.8 लाख रुपये का प्लास्टर ऑफ पेरिस और कलर खरीदा था। बदले में 19 जून 2019 को माल की कीमत का चेक दिया। 21 जून 2019 को बैंक में लगाने पर चेक बाउंस हो गया।
बाद में विधिक नोटिस भेजा। इसके बाद रुपये न देने पर 18 जुलाई 2019 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दायर किया। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिए कि विधिक नोटिस 5 जुलाई 2019 को डिस्पैच हुआ था। वादी को एनआई एक्ट के विधिक प्रावधान के अंतर्गत नोटिस प्रेषित करने के 15 दिन बाद 20 जुलाई 2019 को मुकदमा दायर करना था पर वादी ने 19 जुलाई 2019 को मुकदमा दायर कर दिया। संवाद