कासगंज के गांव नगला छत्ता में मृतक राजपाल के शोकाकुल परिजन
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कासगंज। पापा लॉकडाउन के कारण यहां रहने और खाने में समस्या हो रही है। इसलिए गांव के हम सभी मजदूर टमाटर लेकर एक कैंटर से घर आ रहे हैं। यदि रास्ते में रात में कहीं फंस गए तो इतनी व्यवस्था रखना कि हमे घर तक बुला लो। यह फोन राजपाल ने अपने पिता को किया था। इसी इंतजार में वह रात भर जाग भी रहे थे। रात में फोन आया जरूर लेकिन इसमें राजपाल की मौत की सूचना मिली। इससे पूरे परिवार व गांव में शोक की लहर दौड़ गई। क्योंकि एक ही गांव के तीन युवकों की इस हादसे में मौत हो गई थी।
मजदूर राजपाल ने अपने पिता अनार सिंह को फोन कर बताया था कि पापा अपने गांव के सभी मजदूरों के साथ मैं भी आ रहा हूं। कैंटर मुरादाबाद जाएगा। अब रास्ते का नहीं पता कि किस रास्ते से कैंटर गुजरेगा, लेकिन जो रास्ता कासगंज के सबसे पास होगा हम वहीं उतर जाएंगे। वैसे तो प्रयास रहेगा कि सब लोग किसी न किसी तरह घर पर पहुंच जाएं।
यदि फिर भी कहीं फंसे तो किसी ऐसे वाहन का इंतजाम रखना कि जो रात में फंसने पर घर बुला सकें। अनार सिंह मजदूरों के फोन के इंतजार में रात को जाग रहा था। करीब 12 बजे अनार सिंह के छोटे बेटे ठाकुरदास व अन्य मजदूरों ने गांव में फोन किया।
इस पर अनार सिंह ने समझा कि शायद यह लोग कहीं फंस गए हैं, लेकिन जब छोटे बेटे ने भाई और अन्य दो मजदूरों की मौत का संदेश सुनाया तो उसके बाद तो पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। तीनों परिवारों में चीखपुकार मच गई।
जून में होनी थी राजपाल की शादी
मजदूर राजपाल के पिता अनार सिंह ने बताया कि जलेसर से राजपाल की शादी तय हो गई थी। जून महीने में शादी करने की तैयारी थी। अब तो सारे अरमान रखे रह गए।