नेशनल हाईवे-2 पर जगह-जगह बने कट हादसों का सबब बन रहे हैं। रुनकता से लेकर रामबाग और फिर टेढ़ी बगिया तक लोगों ने अपनी सुविधा अनुसार हाईवे पर कट बना रखे हैं। यहां से वाहन चालक धड़ल्ले से गाड़ियां क्रास करते हैं। तेज गति से आने वाले वाहन चालक की जरा सी असावधानी दुर्घटना का कारण बन जाती है। हाईवे अथॉरिटी का ध्यान इस ओर भी नहीं है।
एनएच-2 पर सफर करने में गति अवरोधक ही बाधक नहीं हैं, बल्कि वाहनों की गति को कम करने के लिए जगह-जगह बनाए कट भी मुसीबत बन गए हैं। सिकंदरा स्मारक के सामने बना कट हो या फिर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने बना कट, आए दिन तमाम वाहन चालक रोजाना यहां से सड़क को पार करते हैं। इसी तरह के तकरीबन दो दर्जन कट आपको हाईवे पर रुनकता से लेकर रामबाग और रामबाग से टेढ़ी बगिया तक मिल जाएंगे।
हाईवे अथॉरिटी के अफसरों को होर्डिंग्स दिखाई दे जाते हैं, लेकिन ये कट नहीं दिखाई पड़ते हैं। लंगड़े की चौकी के पास बने कट को क्रास करते वक्त 28 दिसंबर की रात को भीषण हादसे में कार सवार दंपति दो ट्रकों के बीच में फंस गए थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
कमला नगर निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि हाईवे पर सफर करना बड़ी मुसीबत बन गया है। यहां निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। सर्विस रोड को भी अबुल उलाह की दरगाह के समीप से बंद कर दिया गया है। इससे दिक्कतें और बढ़ गई हैं। वार्ड तीन से पार्षद श्रीकृष्ण ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में नेशनल हाईवे-दो की दुर्दशा को ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हाईवे असुरक्षित हो चला है। अथॉरिटी के अधिकारी टैक्स वसूलने के अलावा कोई काम नहीं करते हैं।