अमर उजाला आकाईव के पुराने पन्नों में एयर इंडिया विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने का ब्योरा है। एयर इंडिया के बोइंग विमानों की बड़ी दुर्घटनाओं का सिलसिला वर्ष 1966 से शुरू हुआ। तब देश के महान वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु भी 24 जनवरी 1966 को एयर इंडिया के बोइंग 707 विमान हादसे में फ्रांस में हुई थी। इस हादसे में भाभा के साथ 117 यात्रियों की मृत्यु हुई थी। इस मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बयान देना पड़ा था। इसके बाद देश में बड़ा हादसा एक जनवरी 1978 को बंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के विमान के साथ हुआ जो अरब सागर में गिर गया। इसमें 213 यात्रियों की जान गई। देश में सबसे बड़ा विमान हादसा 12 नवंबर 1996 को चरखी दादरी में हुआ था, जब शाम 6:40 बजे सऊदी अरब का बोइंग 747 विमान और कजाखिस्तान का आईएल-76 आपस में टकरा गये। इसमें 349 यात्रियों की जान चली गई थी।
जून का महीना विमानों पर भारी
वर्ष 1982 में 5 जून को बंबई एयरपोर्ट पर ही एयर इंडिया का बोइंग 707 विमान अशोक दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 17 लोगों की मृत्यु हुई थी। 40 साल पहले जून के महीने में ही 23 जून 1985 को एयर इंडिया का बोइंग 747 विमान कनिष्क आयरलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 326 यात्रियों की अटलांटिक महासागर में डूबने से मृत्यु हो गई थी। कनिष्क हादसे की जांच को लेकर भारत सरकार और कनाडा सरकार के बीच तनातनी भी रही थी। एयर इंडिया का यह तीसरा विमान हादसा जून के महीने में हुआ है। इस बार भी बोइंग विमान दुर्घटना का शिकार बना।