सोरोंजी के वराह मंदिर में भगवान वराह का अभिषेक करते श्रद्धालु।
- फोटो : सोरोंजी के वराह मंदिर में भगवान वराह का अभिषेक करते श्रद्धालु।
सोरोंजी। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष द्वादशी पर बृहस्पतिवार को क्षेत्राधीश वराह मंदिर में भगवान वराह का अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान वराह के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य ने बताया कि भगवान वराह के अभिषेक से जीवन के हर कष्ट से मुक्ति मिलती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सुबह भगवान वराह की मंगला आरती के बाद भगवान का गंगाजल, दूध, दही, घृत, शहद से पंचाभिषेक किया गया। आचार्य पंडित नरेश त्रिगुणायत ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिविधान से अभिषेक कराया। फिर भगवान का नूतन वस्त्र अलंकार से भव्य शृंगार किया गया। भगवान को भोग लगाया गया। शंख और घंटे की गूंज के बीच भगवान वराह की महाआरती उतारी गई। शाम को भजन कीर्तन से मां गंगा और भगवान वराह का गुणगान किया गया। प्रसाद बांटा गया। अभिषेक के दौरान महंत विदेहानंद गिरी, श्रीकांत तिवारी, मुकेश निर्भय, उमाकांत, आकाश उपाध्याय, सुमित दीक्षित, शिवम गोस्वामी, हरिदास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।