माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पचलाना जेल में बंद उसका बेटा खूब रोया। वो पिता के जनाजे में शामिल नहीं हो सका। अब अब्बास अंसारी ने अपने पिता मुख्तार अंसारी की कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए अधिवक्ताओं के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मांगी है।
कासगंज की पचलाना जिला जेल में बंद अब्बास अपने पिता के जनाजे में शामिल होने के लिए नहीं जा पाया था। उसे उच्च न्यायालय से अनुमति नहीं मिली थी, लेकिन अब अब्बास अंसारी ने अपने पिता मुख्तार अंसारी की कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए अधिवक्ताओं के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मांगी है। सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मांगने की सूचना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। हालांकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
एक दिन पूर्व अब्बास के स्थानीय अधिवक्ता केशव मिश्रा ने अब्बास से जेल में मुलाकात की और वकालतनामे पर हस्ताक्षर कराए। अधिवक्ता के द्वारा बताया कि अब सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पूर्व मंगलवार को अब्बास की पत्नी निखत और भाई उमर अंसारी ने जेल में आकर उनसे मुलाकात की। मुलाकात के बाद यह बताया गया कि अब्बास की जमानत की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक 10 अप्रैल को मुख्तार अंसारी की याद में होने वाले फातिहा कार्यक्रम में अब्बास ने शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। वायरल खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति याचिका पर 9 अप्रैल की तिथि नियत की है। अब्बास को फातिहा कार्यक्रम में जाने के लिए अनुमति मिलेगी या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है।
अब्बास के स्थानीय अधिवक्ता केशव मिश्रा ने बताया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगे जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जेल प्रशासन से कोई जानकारी नहीं मिली है।