कासगंज। बाहुबली विधायक अब्बास अंसारी स्थानीय पचलाना स्थित जिला जेल में बंद है। उसे पिता माफिया मुख्तार अंसारी की मौत की खबर रात में नहीं मिल सकी। शुक्रवार की सुबह उसे जब जेल प्रशासन ने मुख्तार अंसारी की हृदयाघात से मौत होने की जानकारी दी तो वह अवाक रह गया और रो पड़ा। अब्बास रोते-रोते बेसुध होने लगा तो बंदीरक्षकों ने बमुश्किल उसे संभाला।विधायक अब्बास अंसारी यहां की जेल में पिछले करीब 13 महीने से बंद है। उसके पिता मुख्तार अंसारी बांदा की जेल में बंद थे। बांदा जेल में बृहस्पतिवार देर शाम मुख्तार की तबीयत बिगड़ने और हृदयाघात होने की शिकायत पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार की रात्रि ही यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आया और लोगों को मामले की जानकारी मिली। रात्रि करीब 11 बजे के बाद तक जेल प्रशासन को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। मीडिया ने जब जेल प्रशासन को रात में इस बारे में जानकारी दी तो जेल प्रशासन ने मृत्यु की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए अनभिज्ञता जताई। ऐसी स्थिति में अब्बास को भी रात में पिता की मौत की जानकारी नहीं मिली। सुबह बंदीरक्षकों ने जेल प्रशासन के निर्देश पर अब्बास को उसके पिता मुख्तार अंसारी की मौत की जानकारी दी तो अब्बास फफक कर रो पड़ा। वह रोते-रोते बेसुध होने लगा। बंदीरक्षकों नेउसे जैसे-तैसे संभाला और उसके बाद वह कभी रोता तो कभी गहरी सोच में डूब जाता। अब्बास को इस बात की उम्मीद थी कि उसे पिता के जनाजे में शामिल होने का मौका मिलेगा। अब्बास के परिजनों ने इसके लिए हाईकोर्ट से पेरोल मांगा था लेकिन शुक्रवार अपराह्न तक पेरोल स्वीकृत नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में अब्बास पिता के जनाजे में शामिल होने के लिए नहीं जा पाया।