वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होती थी पेशी
न्यायालय में चल रहे मामलों में अब्बास की पेशी जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होती थी। सुरक्षा कारणों के चलते ऐसा किया जा रहा था।
बॉडी वियर कैमरे के साथ रहते थे सुरक्षाकर्मी
हाईसिक्योरिटी बैरक में अब्बास की सुरक्षा में लगे कर्मी बॉडी वियर कैमरों से लैस रहते थे। अब्बास की हर गतिविधि पर जेल प्रशासन की कड़ी नजर थी।
रोजा रख रहा था अब्बास
बाहुबली विधायक अब्बास ने अपना वक्त खुदा की इबादत व पुस्तकों को दिया। रमजान का माह होने के कारण इस बार भी अब्बास जेल में रोजे रख रहा था और पांचों वक्त की नमाज अदा करता था। रोजे के अलावा भी वह प्रतिदिन नमाज पढ़ता था और अपना समय पुस्तकें पढ़कर काटता था। टेलीफोन के माध्यम से सप्ताह में दो बार निर्धारित दिनों में उसकी बातचीत होती थी।
पिता के फातिहा में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद हुआ था शामिल
अपने पिता मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद विधायक अब्बास पिता के जनाजे में शामिल नहीं हो सका था। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति नहीं मिली थी, लेकिन फातिहा में जाने के लिए अब्बास को अनुमति मिल गई थी। ऐसी स्थिति में वह फातिहा कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित समय के लिए भेजा गया था।
चित्रकूट के गैंगस्टर न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बंदी अब्बास को रिहा कर दिया गया है। उन्हें 15 फरवरी 2023 को चित्रकूट से यहां की जेल में शिफ्ट किया गया था। - विजय विक्रम सिंह, जेल अधीक्षक