डीजे वाले बाबू मेरा गाना बजा दे.. बेहद चर्चित रहे इस गीत के साथ ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर पार्श्व गायिका आस्था गिल ने शुक्रवार की रात अपनी प्रस्तुतियां शुरू कीं। फिल्म फुगली के धुप चिक गीत से पहचान बनाने वाली गायिका आस्था गिल ने अभी तो पार्टी शुरू हुई है... गाया तो युवाओं ने उनके साथ ठुमके लगाना शुरू कर दिया। देर रात तक उनके गीतों पर दर्शक झूमते नाचते रहे।
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शुक्रवार की शाम को शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत महादेव पर आधारित लोक गायन से हुई। इसे पूर्णिमा चतुर्वेदी ने पेश किया। इसके बाद श्वेथा प्रसन्ना ने कुचीपुड़ी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। कन्हैया लाल चतुर्वेदी ने ध्रुपद गायन और नवरस बुंदेली ने जोशीला आल्हा पेश किया। रात में आस्था गिल ने अपनी आवाज का जादू चलाकर दर्शकों के दिल पर राज किया।
सेल्फी प्वाइंट पर गूंजी जंगली जानवरों की आवाजें
ताज महोत्सव में आई लव आगरा सेल्फी प्वाइंट पर शुक्रवार रात में जंगली जानवरों की आवाजे गूंजी। दरअसल, मिमिक्री कलाकार अनिल भटनागर ने जंगली जानवरों की आवाजों के साथ पायल की और ड्रम की आवाज निकाली। संजीव सिंह, भव्य प्रजापति, आरिश अहमद, ज्योति तिवारी, अश्वनी कुमार आहूजा ने सुगम संगीत पेश किया। एकता डांस ग्रुप ने समूह नृत्य की प्रस्तुति दी। आरोह बैंड की गायिका सोनम प्रजापति और द मेलोडियस बैंड की गायिका मंजरी शुक्ला ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संचालन कनिका सिंह ने किया।
राधा-कृष्ण की थीम पर समूह नृत्य से झूमा सदर
सदर बाजार के मुक्ताकाशीय मंच पर नमिता वाजपेयी के निर्देशन में बेहतरीन समूह नृत्य राधा-कृष्णा की थीम पर पेश किए गए। होली लाइट स्कूल के बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। वहीं इसके बाद सुमित मदान के गायन ने समा बांध दिया। मतलूम नियाजी की कव्वाली ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। वहीं, डॉ. ललिता करमचंदानी और आशीष त्रिपाठी की जोड़ी ने फिल्मी गीत गाए। उन्होंने महबूब मेरे,, मेरे जैसी हसीना का दिल...मेरे नसीब में तू है कि नहीं...आदि गीतों से समा बांध दिया। बैंड में रोहन सिंह, बबलू खान, दया शंकर और किशोर ने साथ दिया। संचालन विक्रम शुक्ला और विशेषता शर्मा ने किया।