गले में नाग देवता...महादेव बने आगरा के कमलकांत
आगरा। महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा, वहीं कुछ भक्त अपनी अनूठी भक्ति भावना के लिए चर्चा का विषय बने।
इसी धार्मिक माहौल में, कमलकांत, जो करभना, धाँधूपुरा आगरा के निवासी हैं, श्री मन:कामेश्वर मंदिर दर्शन के उपरांत बाहर निकले। उनकी नजर एक सपेरे पर पड़ी| वह सपेरे के पास पहुंचे। सपेरे ने उनके गले में नाग देवता को डाल दिया।
जीवित नाग देवता को गले में धारण किए कमलकांत उस समय साक्षात कमलकांत महादेव लग रहे थे। यह दृश्य मंदिर में दर्शन के लिए आए अन्य भक्तों के लिए आश्चर्य और कौतूहल का विषय बन गया।
कमलकांत का महादेव रूप गहरी आस्था और शिव तथा नाग देवता के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। नाग देवता को शिव का प्रिय माना जाता है और महाशिवरात्रि पर उनका पूजन विशेष फलदायी है।
हालांकि नाग एक विषैला जीव है। लिहाजा इस प्रकार की भक्ति में सुरक्षा और सावधानी बरतना जरूरी है।
महादेव कमलकांत के इस दृश्य ने महाशिवरात्रि के पर्व पर एक अलग चर्चा को जन्म दिया। कुछ लोगों ने इसे कमलकांत की अगाध भक्ति का प्रतीक माना। तो कुछ ने सपेरों की कमाई का जरिया। महाशिवरात्री पर सपेरों की पोटली में रखे नाग-नागिन का दर्शन शुभ है।
प्रस्तुती : सचिन
गले में नाग देवता...महादेव बने आगरा के कमलकांत