बीड़ी और तंबाकू का सेवन 10 वर्ष से अधिक समय तक करने वालों में मरीजों को दो से तीन जगह का कैंसर हो रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग में अध्ययन के बाद यह तथ्य सामने आया है। तीन मरीज ऐसे पाए गए जिनको खाने की नली के साथ दूसरी जगहों का भी कैंसर हो गया।
डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि बीड़ी या तंबाकू के सेवन की वजह से यदि किसी मरीज को कैंसर होता है और उपचार के बाद वह ठीक हो जाता है तो भी उसे लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। निर्धारित अवधि (चिकित्सक की सलाह के अनुसार) में जांच कराते रहना चाहिए। ऐसे मरीजों को ठीक होने के बाद भी फालोअप के लिए बुलाया जाता है। हर छह माह में क्लीनिकल परीक्षण की सलाह दी जाती है।
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डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया बीड़ी व तंबाकू का सेवन करने वाले लोग अपने बच्चों को भी विरासत में कैंसर देते हैं। बच्चों को जेनेटिक तौर पर ब्लड कैंसर हो जाता है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए भी बीड़ी, तंबाकू आदि के सेवन से बचना चाहिए। कैंसर का पता चलने के बाद करीब 60 फीसदी लोग तंबाकू का सेवन छोड़ देते हैं। करीब 40 फीसदी नहीं छोड़ पाते, इसमें भी 40 से 50 वर्ष के लोग अधिक होते हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग ज्यादा आसानी से तंबाकू से दूरी बना लेते हैं।