कासगंज। जिलाधिकारी सुधा वर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में महायोजना से संबंधित बैठक की। जिलाधिकारी ने कहा कि सोरोंजी के चहुंमुखी और समुचित विकास के लिए अलग से विनियमित क्षेत्र बनाया जाए। जिससे तीर्थनगरी के विकास के लिए एक अलग और बेहतर महायोजना बनाकर उस पर विकास कार्य कराया जा सके। सोरोंजी विनियमित क्षेत्र में कलेक्ट्रेट परिसर को भी सम्मिलित कर प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को प्रेषित किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि कासगंज विनियमित क्षेत्र में जनपद न्यायालय तथा सोरोंजी विनियमित क्षेत्र में कलेक्ट्रेट परिसर शामिल रहेगा। महायोजना में प्राप्त आपत्तियों का नए और पुराने मानचित्र से भलीभांति मिलान कर चैक कर लें। इसमें कोई भी कार्य विवादित न रहे। बैठक में उपस्थित टाउन प्लानर आगरा अशोक कुमार ने बताया कि भारत सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत विनियमित क्षेत्र की जीआईएस आधारित महायोजना-2031 प्रारूप पर प्राप्त आपत्ति व सुझाव की सुनवाई एवं निस्तारण के बाद शासन के अनुमोदन के लिए प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर के विकास के लिये महायोजना तैयार करने के लिए 2020 से प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त 903 आपत्तियों का निस्तारण कर महायोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वर्तमान में मानक पूर्ण न होने पर विकास प्राधिकरण नहीं बनाया जा सकता। कासगंज शहर के साथ ही सोरोंजी को भी विकसित करने के लिए सोरोंजी में भी विनियमित क्षेत्र बनाया जा सकता है। जिससे सोरोंजी के धार्मिक स्थलों का भी समुचित विकास किया जा सकेगा। जिसका प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।