मैनपुरी के बेवर में वन रेंज भोगांव के जोगा मोड़ के पास सड़क पार कर रहे तेंदुआ की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। क्षेत्र में कई दशक बाद तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी भोगांव विपिन मिश्रा के अनुसार इस क्षेत्र में सामान्यतया तेंदुआ नहीं पाया जाता, पूरी संभावना है कि तेंदुआ निकटतम जनपद से आया है, गंगा नदी के आसपास तेंदुआ देखे जा रहे हैं।
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वहीं वन्य जीव विशेषज्ञ दिवाकर श्रीवास्तव के मुताबिक यमुना नदी और चंबल तेंदुओं का घर है ऐसे में यह यमुना के बीहड़ से भी पहुंच सकता है। सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत के बाद वन क्षेत्राधिकारी भोगांव विपिन मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी मैनपुरी विवेकानंद दुबे, डिप्टी रेंजर रन सिंह, वन दरोगा गजेंद्र सिंह, शिवा राठौर, वन रक्षक बलवीर सिंह, उपदेश कुमार, विपिन सारस्वत, तत्काल मौके पहुंचकर स्थानीय लोगों से पूछताछ कर दुर्घटना की जांच प्रारंभ की।
उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित ने बताया कि वन्यजीव संरक्षक अधिनियम-1972 के अंतर्गत तेंदुआ शेड्यूल-1 का संरक्षित वन्यजीव है, जिसे हानि पहुंचाना वन्यजीव अपराध की श्रेणी में आता है। उक्त दुर्घटना के संबंध में वन रेंज भोगांव में अपराध पंजीकृत कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। मृत तेंदुआ का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सालय मैनपुरी में कराया जाएगा। जिसके बाद तेंदुआ का अंतिम संस्कार वन क्षेत्राधिकारी व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की उपस्थित में किया जाएगा। वन्य जीव विशेषज्ञ और पूर्व डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव के मुताबिक मादा तेंदुओं की तलाश में इन दिनों यमुना और चंबल के बीहड़ से तेंदुए निकल रहे हैं। रात में तेंदुए लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे मेें इनके मैनपुरी तक पहुंच जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
डीएफओ मैनपुरी संजय कुमार मल्ल ने बताया कि सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ की मौत की सूचना प्राप्त हुई है, वन विभाग की टीम मौके पर है। शव का पोस्टमार्टम कराकर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।