सैंया। थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर स्थित एक निजी अस्पताल में कथित अप्रशिक्षित डॉक्टरों के इलाज किए जाने से एक 23 वर्षीय प्रसूता की मौत हो गई। मृतका के भाई ने अस्पताल संचालक और वहां कार्यरत कथित झोलाछापों पर आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा से जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव पीतापुरा (धिमिश्री) निवासी प्रीति (23 वर्ष) पत्नी रमाकांत कुशवाह को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन ने गत 9 मई को थाना सैंया क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजन का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद अप्रशिक्षित और कथित डॉक्टरों ने प्रसव प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती, जिससे प्रसूता की हालत अत्यंत गंभीर हो गई।
स्थिति हाथ से निकलते देख अस्पताल संचालक ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए 12 मई को आनन-फानन में प्रसूता को आगरा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान प्रसूता ने दम तोड़ दिया। मृतका के भाई सोनू निवासी बीकापुर, थाना इरादतनगर ने सीएमओ से शिकायत की है। सोनू का आरोप है कि उसकी बहन की मौत अस्पताल में तैनात अयोग्य और फर्जी डॉक्टरों के गलत इलाज के कारण हुई है। मांग की है कि अस्पताल के पंजीकरण और वहां काम करने वाले कथित डॉक्टरों की डिग्रियों की गहन जांच हो। दोषी अस्पताल संचालक और डॉक्टरों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर अस्पताल को तुरंत सील किया जाए।