आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में आपात चिकित्सकीय सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं। इसमें मेडिसिन विभाग के लिए नया आईसीयू भी बनाया जा रहा है। ट्राइएज एरिया बन गया है, जिसमें गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को गेट में प्रवेश करते ही इलाज मिलेगा। अभी ये दोनों विभाग अलग-अलग हैं, जिससे मरीजों को पहुंचने में समय लगता था।
इमरजेंसी में अभी 80 बेड हैं। इसमें ट्रामा सेंटर के आईसीयू में 8 बेड हैं। इसमें दुर्घटना वाले मरीजों को ही भर्ती किया जाता है। सांस, पेट रोग, हृदय रोग समेत अन्य परेशानी के गंभीर मरीज आने पर इनको विभाग के आईसीयू में भर्ती किया जाता है। ये आईसीयू से आधा किमी से अधिक दूर है। ऐसे में इमरजेंसी में मेडिसिन विभाग के लिए 8 बेड का अतिरिक्त आईसीयू बनाया जा रहा है। गेट के पास ही ट्राइएज एरिया एरिया बन गया है। इसमें सर्जरी और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है।
इससे किसी भी मर्ज का गंभीर मरीज आने पर उसे भर्ती किया जाएगा। यहां प्रारंभिक इलाज देने के बाद इमरजेंसी में बने सर्जरी-मेडिसिन विभाग के वार्ड में शिफ्ट कर देंगे। अभी मेडिसिन-सर्जरी विभाग अलग-अलग है। सर्जरी विभाग अंदर है, इससे तीमारदारों को विभाग तक पहुंचने में देरी होती और पूछताछ करने में परेशानी आती है। ट्राइएज एरिया के पास ही पास ही पर्चा काउंटर है, जिससे तीमारदारों को पर्चा बनवाने के लिए परेशानी नहीं होगी। एक्सरे- सीटी स्कैन और खून की जांच की भी 24 घंटे सुविधा है।
माइनर ओटी भी बनाई जा रही
ट्राइएज एरिया में माइनर ओटी भी बना रहे हैं, जिससे मरीज की प्रारंभिक सर्जरी की जा सके। इसमें आंख, नाक, पेट समेत शरीर के अन्य हिस्से में लगी चोट की सर्जरी हो सकेगी। इसमें 2-2 बेड की व्यवस्था होगी। अभी 115 नंबर में ये सुविधा है, जो अंदर की ओर है। 116 में मेडिसिन विभाग की व्यवस्था है। इन दोनों को ट्राइएज एरिया में शिफ्ट कर, इन दोनों में 4-4 बेड का आईसीयू बन जाएगा।
एसी-ऑक्सीजन पाइप लग रहा
ट्राइएज एरिया बनने से गंभीर रोगों को गेट में घुसते ही इलाज मिल सकेगा। विभाग तलाशने में समय नहीं लगेगा। एसी और ऑक्सीजन पाइप लाइन का कार्य हो गया है। अगले महीने ये शुरू हो जाएगा। इससे चिकित्सकीय सुविधाएं बढ़ जाएंगी।
- डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य