मैनपुरी। घोटाले की शिकायत करने वाले सोसाइटी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर सूरजभान (40) ने 28 अगस्त को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मैनेजर की पत्नी ने सहकर्मियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस ने कार्यस्थल पर शोषण का मामला सामने आने पर पीड़िता की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हरिदर्शन नगर निवासी 40 वर्षीय सूरज भान सिंह सोसाइटी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड, किशनी रोड खरपरी में बतौर मैनेजर काम कर रहे थे। 28 अगस्त की सुबह उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने के बाद परिजन मेडिकल कॉलेज सैफई ले गए। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मैनेजर की मौत के बाद पत्नी मंजेश चौहान ने कंपनी में साथ काम करने वाले कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि पति अक्सर कहा करते थे कि साथ काम करने वाला निशू भदौरिया आए दिन उन्हें अपमानित करता है। वह उन्हें काफी परेशान कर रहे हैं। उनके ब्रांच में घोटाला चल रहा है जिसमें कानपुर के अधिकारी भी निशू के साथ मिले हैं। वह सीनियर अधिकारी धीरज व अन्य को भड़काकर मानसिक तनाव दे रहे हैं। उन्होंने घोटाले की शिकायत कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की है। इसके बाद से उन्हें अधिक परेशान किया जाने लगा है। पुष्पेंद्र पांडेय, प्रेमशंकर पति पर दबाव बनाते थे कि अगर नौकरी करनी है तो निशू से माफी मांगो। आरोपियों के साथ एक कर्मचारी पवन कुमार भी मिला हुआ था। सभी लोग पति पर घोटाले की भरपाई करने का दबाव डाल रहे थे। इससे परेशान होकर सूरजभान ने 28 अगस्त को जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
नौकरी छोड़ना चाहते थे, तीन बार दिया था त्यागपत्र
पीड़ित मंजेश चौहान ने बताया कि उनके पति कंपनी के अधिकारी और कर्मियों के शोषण से काफी परेशान थे, वह नौकरी छोड़ना चाह रहे थे। तीन बार उन्होंने त्यागपत्र भी भेजा, मगर कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। उधर दो माह से वेतन न मिलने से परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ रही थी। जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो खुदकुशी कर ली।
आगरा से चल रहा था इलाज
मंजेश चौहान ने बताया कि पति शोषण से इस कदर परेशान थे कि उन्हें आगरा में चिकित्सक के पास ले जाना पड़ा। आगरा के एक चिकित्सक से इलाज चल रहा था। वह और बेटी रिचा उन्हें समझाते थे, शांत रखने का प्रयास कर रहे थे।