अभी आगरा विश्वविद्यालय की फर्जी बीएड डिग्री से शिक्षक बनने का मामला निपटा भी नहीं था कि एक और फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला सामने आ गया है। इस बार ग्वालियर के एक स्कूल द्वारा जारी हाईस्कूल, इंटर के प्रमाण पत्रों से शिक्षक बनने की बात सामने आई है। निदेशालय के आदेश के बाद मथुरा में ऐसे शिक्षकों की तलाश शुरू हो गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाण पत्रों से शिक्षकों की भर्ती हो गई। ताजा मामला मध्यप्रदेश ग्वालियर के बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन द्वारा हाईस्कूल, इंटर के जारी फर्जी प्रमाण पत्रों का है। सीबीआई की जांच में इस बात के सामने आने के बाद परिषद मुख्यालय ने प्रदेश भर के बीएसए कार्यालयों को सख्त हिदायत दी है कि वो शिक्षकों का वेतन देने से पहले मुख्यालय को रिपोर्ट दें कि उनके यहां उक्त बोर्ड के हाईस्कूल, इंटर के प्रमाण पत्रों वाले कुल कितने शिक्षक हैं।
ऐसे शिक्षकों के नाम, पता, पिता का नाम सहित संपूर्ण ब्योरा मांगा गया है। मुख्यालय के निर्देश के बाद बीएसए कार्यालय में भी हड़कंप मच गया। सभी शिक्षकों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। बीएसए संजीव कुमार सिंह ने बताया सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणों की जांच कराई जा रही है।