आगरा। अदालत में बलवा, मारपीट, धमकी व अन्य धाराओं में 20 साल से चल रहा मुकदमा समाप्त हो गया। पीड़ित ने दोस्तों को माफ कर उनसे राजीनामा कर लिया। इस आधार पर सीजेएम ने उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए।
वादी पंकज जैन ने 19 सितंबर 2005 को आरोपी जय प्रकाश चौधरी निवासी सोंठ की मंडी, विकास जैन व संजीव शर्मा निवासी आजाद नगर और नागेश पंडित निवासी हाइड्रिल कॉलोनी सिकंदरा के खिलाफ थाना हरीपर्वत में केस दर्ज कराया था।
आरोप लगाया कि 19 सितंबर 2005 की शाम करीब 5:30 बजे वह अपने भाई नीरज जैन के साथ अपने प्लॉट पर गया था। वहां चारों आरोपियों ने उन्हें व उनके भाई को घेरकर डंडों और बंदूक की बट से पीटा। दोनों भाइयों की हालत गंभीर हो गई थी। बीस वर्ष से पुरानी मित्रता में खटास आने पर दोनों पक्षों के बीच बोलचाल बंद थी। दोनों के अधिवक्ताओं ने दोनों पक्षों को एक साथ बैठाया। उनका विवाद खत्म कराकर सभी गले-शिकवे दूर कराए। उन्हें फिर से गले मिलाकर दोस्त बना दिया।