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न भैया ना, यादव सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं!

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आगरा। बेशक कुछ लोगों ने यादव सिंह के बारे में जानकारी करने पहुंचे मीडियाकर्मियों पर हमला किया हो लेकिन सब खुलकर साथ नहीं हैं। हाल यह है कि कल तक जो उनके कसीदे काढ़ते थे, रिश्तेदार बताते नहीं आघाते थे, आज पल्ला झाड़ने लगे हैं। वे इस आशंका से घबराए हुए हैं कि यादव सिंह की संपत्तियां सूंघने आई एजेंसियां उन्हें भी जांच के लपेटे में न ले लें। यह हाल आगरा ही नहीं उनकी ससुराल में भी है।
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कुछ नजदीकी जिन्होंने यादव सिंह की मेहरबानी से ऊंचाइयों को छुआ वे अब उनसे अपना रिश्ता छुपाने में लगे हैं। और तो और, कई पहचाने हुए लोग भी उनसे श्तिेदारी से इनकार करने लगे हैं। बुधवार को मीडियाकर्मियों से हुई मारपीट को भी इसी भय से जोड़ कर देखा जा रहा है। फीरोजाबाद में यादव सिंह की ससुराल के मोहल्ला दुली में भी यही हाल है। रिश्तेदार यहां से लापता हो गए हैं। मोहल्लेवालों को भी पूछताछ के नाम पर उनका उत्पीड़न का डर सता रहा है। हालांकि इस संबंध में जब आयकर विभाग से संपर्क पर बताया गया कि यादव सिंह की ससुराल में जांच के संबंध में अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। यदि कोई मामला होगा तो दिल्ली अथवा नोएडा से टीम जरूर आ सकती है।
आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में सुर्खियों में आए इंजीनियर यादव सिंह के मूल निवास क्षेत्र नंदपुरा में भी कई तरह की चर्चाएं हैं। यादव सिंह की संपत्ति के विषय में लोगों का कहना है कि उनका परिवार पहले से ही रसूखदार है। पिता राजकीय ठेकेदार थे और परिवार के सभी सदस्य सरकारी नौकरी में हैं। क्षेत्र में पैतृक कोठी है। सभी भाइयों के अलग-अलग मकान हैं। यादव सिंह का भी अलग आलीशान मकान है। वहीं कुछ का कहना है कि देवरी रोड पर उनकी तमाम बेनामी संपत्ति है, जो कुछ नजदीकी रिश्तेदारों के नाम से है।
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बच्चे भी जानते हैं यादव सिंह को
यादव सिंह शाही ठाट से न आते रहे हों पर क्षेत्र में उन्हें बच्चा-बच्चा जानता है। बुधवार को जब अमर उजाला टीम ने देवरी रोड पर उनके घर के बारे में पूछा तो बस्ती में खेल रहे छोटे बच्चे ने हरी कोठी की ओर इशारा कर दिया। बोला, उनके परिवार को कौन नहीं जानता। पर इससे ज्यादा कोई कुछ नहीं बताता। यादव सिंह भले सामान्य ढंग से नंदपुरा आते-जाते थे, लेकिन परिवार के लोगों पर दबंगई के आरोप लगते रहे हैं।

बसपा नेताओं से नजदीकियां
यादव सिंह की बसपा नेताओं के साथ नजदीकियां हैं। बसपा नेता तो यहां तक कहते हैं कि कई अहम मौकों पर वह पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ सुख-दुख की घड़ी में दिखाई दिए हैं। इसीलिए केंद्र सरकार उन्हें निशाना बना रही है। करीबियों-रिश्तेदारों का भी यही मानना है।

डीएम से मिलेंगे बसपा नेता भी
बसपा नेता एक ओर तो यादव सिंह के साथ गहरे रिश्तों से इनकार कर रहे हैं, लेकिन यह भी दावा कर रहे हैं कि यादव सिंह के भाई कपूर चंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर वह गुरुवार को कोटली बगीची और क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ डीएम से मिलने जाएंगे।
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