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रक्तदान शिविर ‘लहू देश के लिए’ आज

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आगरा। गुलामी से आजाद कराने के लिए हमारे क्रांतिवीरों ने अपना लहू देश के नाम किया था। आज बीमारों की की जान बचाने को रक्त की कमी हो रही। यह कमी हमारे-आपके रक्तदान से ही पूरी हो सकती है। अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम शृंखला में शहीदों की याद में ‘लहू देश के लिए’ के नाम से तीन स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया है।
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एसएन मेडिकल कालेज ब्लड बैंक प्रभारी डा. हरेंद्र यादव बताते हैं कि रक्तदान किसी के लिए जीवनदान तो है ही, करने वाले का भी इससे भला ही होता है। रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां धीरे-धीरे दूर हो रही हैं। लोग जागरूक हो रहे हैं। इसका उदाहरण बीते 14 जून को अमर उजाला कार्यालय में लगे रक्तदान कैंप में नजर आया। यहां सुबह डेढ़ बजे तक 133 यूनिट रक्त जमा हो चुका था। एसएन कालेज और जिला अस्पताल के शिविरों में भी लाइन लगी रही। ब्लड बैंक में रक्त रखने की क्षमता को देखते हुए लोगों को मना करना पड़ा। ‘लहू देश के लिए’ ऐसा ही जज्बा दिखाने का मौका है।

समय और स्थान को बाक्सम में दें
स्थान:
अमर उजाला कार्यालय, सिकंदरा रोड
एसएन मेडिकल कालेज, एमजी रोड
जिला अस्पताल, सांई की तकिया
समय: सुबह 10 से तीन बजे तक

यह कर सकते हैं रक्तदान:
18 से 60 साल तक के स्वस्थ महिला-पुरुष
जिनका वजन 45 किग्रा से अधिक हो।

पांच बीमारियों की होती जांच:
रक्तदान करने वाले में पांच गंभीर बीमारियों (हेपेटाइटस बी और सी, एचआईवी, वीडीआरएल, मलेरिया) में से कोई हों तो रक्त की जांच के दौरान इनका पता चल जाता है। होमोग्लोबिन की मात्रा भी पता चल जाता है।
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कई बीमारियाें से होता बचाव:
नियमित अंतराल पर रक्तदान से ब्लड प्रेशर, कोलस्ट्रोल नियंत्रित रहता है। रिसर्च प्रमाणित तत्य है कि इससे हार्ट अटैक और ब्रैन हेमरेज का खतरा भी 30 फीसदी तक कम हो जता है।

एक यूनिट खून बचाए चार की जान
एक यूनिट ब्लड से चार मरीजों की जान बचती है। होल ब्लड में से पीआरवीसी(रक्त की कमी के मरीजों के लिए), प्लेटलेट्स (डेंगू, कैंसर), फ्रेश फ्रोजन प्लाजमा(जल जाने पर), क्रायोप्रेसिपिएटे(ब्लीडिंग डिसीज) को अलग कर संबंधित मरीज को चढ़ाया जाता है।
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