आगरा। प्रबंधन के साथ वेतन समझौते को लागू करने की मांग कर रहे बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल सोमवार को शुरू हो गई। दो दिवसीय हड़ताल में ताजनगरी में 450 शाखाओं से करीब 450 करोड़ रुपये का लेन-देन ठप हो गया। दो दिन में 250 करोड़ रुपये कैश और करीब 200 करोड़ रुपये की चेक की क्लियरिंग रुकी रहेगी। प्राइवेट बैंकों के भी हड़ताल में शामिल होने से लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। सहालग में शादी वाले परिवारों के सामने कैश की दिक्कत रही।
सोमवार को यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। संजय प्लेस में एलआईसी बिल्डिंग स्थित स्टेट बैंक आफ हैदराबाद के कार्यालय पर बैंक कर्मियों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी और वेतन समझौते सहित मांगपत्र की सभी बिंदुओं को मानने की मांग की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग और पश्चिमी देशों के बैंक मॉडल को लागू करना चाहती है, जो फेल हो चुके हैं। औद्योगिक घरानों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जो सार्वजनिक बैंकों के ही डिफाल्टर हैं। कर्मचारियों के लिए नवंबर 2012 से वेतन समझौता हो चुका है, लेकिन सरकार इसे लागू नहीं कर रही। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगे पूरी न की गईं तो ज्यादा दिनों की बैंक बंदी करने को मजबूर होंगे।
सभा के दौरान फोरम के संयोजक अनिल वर्मा, वीके गोयल, पंकज सक्सेना, शैलेंद्र झा, संजीव दीक्षित, अनुराग दुबे सहित बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कैश के लिए भटके
देहात में भी बैंक कर्मियों की हड़ताल का व्यापक असर रहा। यहां एटीएम भी कम होने से ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाह, पिनाहट, फतेहपुर सीकरी, एत्मादपुर, शमसाबाद, फतेहाबाद, किरावली, लादूखेड़ा, ग्रामीणों और बैंक ग्राहकों को कैश के लिए भटकना पड़ा। लादूखेड़ा मे कैनरा बैंक, इरादतनगर मे स्टेट बैंक, सैंया मे यूनियन बैंक की शाखा बन्द रहने से पेंशन के लिए ग्रामीण परेशान रहे।