आगरा। बेजोड़ नक्काशी और तकनीकी के बेहतर नमूने मुगलिया स्मारकों में पर्यटकों के लिए जगह कम होती जा रही है। चंद शरारती पर्यटकों की करतूत से मुगलिया शान और इतिहास के दरवाजे लगातार बंद हो रहे हैं। एएसआई के मुताबिक, ये शरारती तत्व स्मारकों की दीवारों को खुरचकर न सिर्फ नाम लिखते हैं बल्कि पच्चीकारी को नुकसान पहुंचाते हैं। उनमें लगे कीमती पत्थरों को निकाल देते हैं। आगरा किला का शीश महल आज इसी वजह से बंद है।
आगरा किला भारत का एक अति महत्वपूर्ण एवं सुविख्यात किला है। मुगल सम्राट अकबर महान ने इसे 1565-73 ई. के मध्य बनवाया था। यह लगभग 2.5 किलोमीटर में फैला हुआ है। किले में अनेेक शाही महल, भवन, मस्जिदें शोभा बढ़ाती हैं। अमर सिंह गेट, मछली भवन एवं दीवान-ए खास, मोती मस्जिद, मसुम्मन बुर्ज, शीश महल, नगीना मस्जिद आदि है। इन सभी का अपना इतिहास है। पर्यटकों के लिए यह सभी स्मारक पहले खुले हुए थे। कुछ शरारती पर्यटकों ने इन नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने स्मारक को सुरक्षित रखने के लिए आगरा किला में शीश महल और मुसम्मन बुर्ज बंद कर दिया। शीश महल में किसी पर्यटक ने गहरी लकीर खींच दी थी।
‘कुछ पर्यटक स्मारकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनकी नादानी के चलते मजबूरन स्मारकों को सभी के लिए बंद करना पड़ रहा है। शीश महल और मुसम्मन बुर्ज भी बंद कर दिए। आगरा किला में कई जगह बोर्ड भी लगा दिए गए हैं कि स्मारकों को न नोचने के लिए धन्यवाद, इसके बावजूद लोग नहीं मानते।’
- पंकज तिवारी, आगरा किला प्रभारी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
किले में रेलिंग जल्द होगी दुरुस्त
आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण ने आगरा किला की टूटी रेलिंग को दुरुस्त करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेेेक्षण को 32 लाख रुपये दिए हैं। बता दें कि आगरा किला के चारों तरफ रोड के किनारे लगी रेलिंग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। किला प्रभारी पंकज तिवारी ने आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) से रेलिंग की मरम्मत कराने का आग्रह किया था। एडीए ने नए साल के पहले दिन धनराशि को एएसआई को सौंप दिया। रेलिंग के टूटे होने से किले के बाहर बने गार्डन में लोग प्रवेश करते हैं और वहां लगी हरियाली को उजाड़ देते हैं।