आगरा। गुरुग्रंथ साहिब के 305 गुरुता गद्दी दिवस के अवसर पर विभग नगर स्थित गुरुद्वारा दशमेश दरबार ने नगर कीर्तन का आयोजन किया। गुरु ग्रंथ साहिब को फूलों से सजी पालकी पर विराजमान कर बैंड बाजे के साथ निकाला गया। साहिब के डग पर कं कड़ न पड़े इसलिए संगतें सड़क को साफ कर रहीं थी। कोई जल छिड़क रहा था तो कोई पुष्प वर्षा कर रहा था।
गुरु ग्रंथ साहब के आगे गुरु महाराज के पंच प्यारे चल रहे थे। साध संगत शबद गायन कर रही थी। जगह-जगह आतिशबाजी चलाकर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया। यात्रा विभव नगर, शहीद नगर से होती हुई चौधरी गार्डन पर समाप्त हुई। इसके बाद गुरमत समागम का शुभारंभ भाई मनसा सिंह ने रहिरास साहिब के पाठ से किया। गुरशरन सिंह ने गुरुओं की वाणी का मधुर गायन किया। प्रमुख आकर्षण दिल्ली से आए कीर्तनीय साहिब भाई चमनजीत सिंह जी लाल रहे। उन्होंने ‘सबना का मां पियो आप है’ के साथ कथा भी की। इसके बाद नरेंद्र सिंह सेठी ने संत बाबा प्रीतम सिंह को गुरुघर सरोपा भेंट किया। संत बाबा प्रीतम सिंह ने भाई साहिब चमनजीत सिंह व भाई साहिब भूपिंदर सिंह को सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन आनंद साहिब के पाठ के साथ हुआ। संचालन रविंद्र सिंह ओबराय ने किया। इस दौरान रविंद्र सिंह ओबराय, कुलवंत सिंह, हरप्रीत सिंह, पार्षद श्याम भोजवानी आदि उपस्थित रहे।