बाह। बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुए ईंट उद्योग का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ेगा। शनिवार को हुई बारिश के बाद ईंट की कीमतों में वृद्धि हो गई है। अब प्रति हजार ईंटों पर पांच सौ रुपये का इजाफा किया गया है। अब एक हजार ईंटों की कीमत 4000 से 4300 रुपये हो गई है।
शुक्रवार और शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से ईंट उद्योग चौपट हो गया है। बाह के 84, फतेहाबाद के 11 और राजाखेड़ा के 60 ईंट भट्ठों पर भारी मात्रा में ईंटें घुल गई हैं। आजकल ईंटों की पथाई और चिमनी में आग डालने का काम चल रहा था। बारिश के कारण अब यहां कामकाज ठप हो गया है। पहले प्रति एक हजार ईंटों का भाव 3500 से 3700 रुपये था लेकिन रविवार को इसकी कीमत बढ़कर चार हजार से 4300 हो गई है। आगरा टीटीजेड एरिया में आने के कारण फतेहाबाद, बाह और राजाखेड़ा के भट्ठों की ईंटों पर ही निर्भर है। भट्ठा संचालक विजय सिंह ने बताया कि नुकसान की भरपाई मुश्किल है। आने वाले दिनों में लोगों को ईंट और महंगी खरीदनी पडे़ंगी।
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फसलों के नुकसान पर मुआवजे की मांग
बाह/फतेहाबाद। बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों को देख किसान रोने पर मजबूर हैं। कर्ज लेकर फसल रोपने वाले किसानों पर कर्ज का शिकंजा और बढे़गा। सरसों की फसल खेतों में लोटने से फलियां सड़ने का भय सता रहा है। जबकि जलभराव से आलू किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। खेतों में पसरी गेहूं और जौ की फसल में भी नुकसान हुआ है। किसानों ने फसलों के नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिए जाने की मांग की है। वहीं फतेहाबाद में सरसों, आलू की फसल में भारी नुकसान हुआ है। बारिश से सरसों की फली गिर गई तथा गेहूं की फसल पर भी प्रभाव पड़ा है। किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई है।