आगरा। सरकारी विभागों में फरियादियों को अनसुना किया जाना तो आम बात हो गई है अब कलक्टर साहब की भी नहीं सुनी जाती। कलक्टर साहब विकास भवन में बैठ कर अधिकारियों का इंतजार करते रहे लेकिन अधिकारी पहुंचे नहीं। पता चला कि उन्हें बैठक की सूचना ही नहीं थी जबकि डीएम ने बैठक की तिथि पहले ही निर्धारित कर दी थी। डीएम ने चार बीडीओ, तीन अधिशाषी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि और एक प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर को सेवा मुक्त करने के निर्देश दिए। वहीं कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण में एक पटल सहायक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
डीएम अजय चौहान ने डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना के गांव चयन करने के लिए बैठक बुलाई थी। शुक्रवार की बैठक की तिथि 12 नवंबर को तय कर सबको सूचना के लिए भेजी जा चुकी थी लेकिन अधिकारी पहुंचे ही नहीं। बताया गया कि डीडीओ सुरेश चंद्रा ने पीडी डीआरडीए राम रक्षपाल यादव को इसकी सूचना दे दी थी। लेकिन जिले के 15 ब्लाकों के बीडीओ को सूचना नहीं दी गई। वहीं डीएम के बैठक की जानकारी को भी बीडीओ अनसुना कर गए। डीएम के निर्देश पर सीडीओ डा. रूपेश कुमार ने सभी बीडीओ को आने के लिए फोन कराया लेकिन केवल तीन बीडीओ बैठक में आए। इस पर डीएम ने पीडब्ल्यूडी के तीन एक्सईएन, बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह यादव, सुप्रिया मिश्रा, मत्स्यनाथ त्रिवेदी व विजेंद्र सिंह के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और डीपीआरओ कार्यालय के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर माधव को सेवा से हटाने के आदेश दिए। उधर, जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में करीब 11:15 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक लिपिक के अनुपस्थित मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए।
नहीं उतरी खुमारी, सूने रहे विभाग
सरकारी विभागों में त्योहार की खुमारी अभी उतरी नहीं है। दीपावली का अवकाश समाप्त होने के बाद भी कई विभागाें में कार्य ठप रहा। डीआईओएस कार्यालय, बीएसए, आपूर्ति विभाग, वाणिज्य कर, विकास भवन में कई अधिकारी कर्मचारी कार्यालय नहीं आए। कई ने तो सप्ताह भर की छुट्टी मनाने के लिए शुक्रवार और शनिवार का अवकाश भी ले लिया।