आगरा। भगवान से मनाइये कि बिजली की कटौती ना हो। साथ ही जरूरत भर की बिजली जलाने का ध्यान रखें। क्योंकि फाल्ट हुआ तो दीपोत्सव पर शहर अंधेरे में डूब सकता है। हालांकि टोरंट पावर और दक्षिणांचल अधिकारियों का कहना है कि समस्या नहीं आएगी लेकिन शहरवासी फाल्ट अटेंड होने में देरी से और ग्रामीण केवल 14 घंटे मिलने वाली बिजली की समस्या से आशंकित हैं।
दिवाली के दौरान शहर में तकरीबन 100 एमवीए लोड बढ़ने की संभावना है। इससे न केवल डिस्ट्रीब्यूशन सब स्टेशनों पर असर पड़ेगा बल्कि 132 और 220 केवी सब स्टेशन भी प्रभावित होंगे। वहीं 400 केवी पीली पोखर सब स्टेशन पर चार जिलों का लोड होने के कारण वह भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि इंजीनियरों की टीम लगाई गई है। वहीं इंडस्ट्रियल सेगमेंट बंद होने के कारण करीब 80-90 एमवीए लोड की भरपाई हो जाएगी। उधर, लोड अधिक होने पर फाल्ट की भी समस्या रहेगी। हालांकि टोरंट पावर के प्रवक्ता का कहना है कि हमने पिछले साल से भी अधिक नो पावर कंपलेन टीम लगाई हैं जो हर सब स्टेशन क्षेत्र में होंगी।
अधिक रोशनी बढ़ाएगी मीटर
13 सितंबर से मैक्जिमम डिमांड के अनुसार बिलिंग लागू होने से दिवाली पर बिजली का खर्च भी बढ़ेगा। बताते चलें कि यूपीपावर कारपोरेशन ने नोटीफाई कर दिया है कि महीने के मैक्जिमम डिमांड को बिल पर अंकित करना जरूरी है और उसी के अनुसार बिल बनेगा। यानी जितना अधिक लोड होगा फिक्स चार्ज उतना ही देना होगा।
ऐसे कम खर्च होगी बिजली
- जीरो वाट के बल्ब की झालर की जगह एलईडी या आप्टिकल फाइबर झालर लगाएं, जीरो वाट का बल्ब हकीकत में 15 वाट का होता है, इससे बिजली की खपत अधिक हो जाती है
- झालर को सीरीज में लगाएं, करंट के एक ही वोल्टेज पर रहने से कम बिजली खर्च होती है
- संभव हो तो झालरें स्टेबलाइजर से चलाएं, इससे वोल्टेज फ्लक्चुएशन नहीं होगा और खपत भी नहीं बढ़ेगी
- अगर यूज नहीं कर रहे हैं तो अन्य उपकरण बंद कर दें, स्टैंडबाई मोड में न रखे। पावर ऑन रहने पर सर्किट में करंट रहने से बिजली खपत होती