आगरा। अब तो घर से निकलने का मन नहीं करता। जहां देखो वहां जाम और अतिक्रमण। चौराहाें पर पैदल चलने तक का रास्ता नहीं है। जाम के चलते न समय पर न कालेज पहुंच रहे और न ही दफ्तर। पुराने ढर्रे पर ट्रैफिक चल रहा है। प्रशासन और जनप्रतिनिधि सोए हुए हैं। यह पीड़ा आम शहरवासियों की है। इनका कहना है कि यदि जल्द ही जाम के लिए रोड मैप तैयार नहीं किया गया तो समस्या और भयावह होगी।
सेल्स मैन शकीलुद्दीन बताते हैं कि जाम से उनकी पेट्रोल का खर्चा डेढ़ गुना बढ़ गया है। रुपयोें के साथ समय की भारी बरबादी होती है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के बिना यह समस्या हल नहीं होगी। एमजी रोड को दौ सौ मीटर चौड़ी करने के साथ ही सरकार को शहर के लिए मास्टर प्लान बनाना चाहिए।
एमफिल की छात्रा नीतू शर्मा की नजर में जनता यदि नियमाें का पालन करे तो बहुत हद तक जाम की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। जिसे देखो वह जल्दी में ट्रैफिक रूल का उल्लंघन कर दूसरों के लिए परेशानी खड़ी करता है।
व्यवसायी मुकुल गोयल की नजर में जनता और पुलिस बराबर की दोषी है। युवा वर्ग नियम तोड़ने में शान समझता है। जबकि पुलिस वसूली में लगी रहती है। इन दोनाें कारण से ही लोग नियमाें को लेकर गंभीर नहीं दिखते। सड़क चौड़ी करने के साथ ट्रैफिक प्लान बनाना होगा।
बीसीए कर रही ऋतु जैन का कहना है कि कोचिंग के लिए वह अक्सर लेट होती हैं। शहर में कोई ट्रैफिक रूल ही नहीं दिखता। नो एंट्री में भी भारी वाहन प्रवेश कर जाम लगाते हैं। शहर के हर चौराहे पर अतिक्रमण लगा है, जगह-जगह पार्किंग और स्टैंड जाम की मुख्य समस्या हैं। प्रशासन को नियमों से खिलवाड़ करने वाले को जेल भेजना चाहिए।