कासगंज। कानपुर रेलमार्ग पर विद्युतीकरण के काम से बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। कासगंज से फर्रुखाबाद जा रही एक्सप्रेस का इंजन विद्युतीकरण के लिए बिछाए गए तारों में फंस गया। इससे झटके के साथ ट्रेन के पहिये थम गए। रात के अंधेरे में ट्रेन जंगल के इलाके में खड़ी हो गई। अचानक ट्रेन जंगल में रुकने से यात्री दहशत में आ गए और यात्रियों ने अनहोनी की आशंका को लेकर ट्रेन के खिड़की दरवाजे बंद कर लिए।
कासगंज से रात नौ बजे फर्रुखाबाद की ओर जाने वाली वाली एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15042 निर्धारित समय पर रवाना हुई। ट्रेन ने कासगंज आउटर से निकलते ही रफ्तार पकड़ ली। बढ़ारी स्टेशन के समीप गेट संख्या 244 पर विद्युत तार के ट्रेन के इंजन में फंस गया। इस दौरान ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आपात काल ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। झटके के साथ ट्रेन रुकने से यात्री दहशत में आ गए।
जंगल में ट्रेन रुकने से यात्रियों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। आशंका के मद्देनजर यात्रियों ने ट्रेन के खिड़की दरवाजे बंद कर लिए। काफी देर बाद कासगंज से पहुंची टीम ने इंजन में फंसे तार हटाए गए। इसके बाद ट्रेन फर्रुखाबाद के लिए रवाना की गई। लगभग 45 मिनट तक ट्रेन जंगल में ही खड़ी रही।
तेजी के चक्कर में जल्दबाजी
कासगंज। कासगंज-कानपुर ट्रैक पर विद्युतीकरण का काम धीमी गति से चल रहा है। रेलवे ने जब कार्यदायी संस्था को नोटिस दिया उसके बाद कार्यदायी संस्था ने कार्य में तेजी दिखाई। माना जा रहा है कि जल्दबाजी में तार रेल लाइन के ऊपर झूलते रह गए।