फिरोजाबाद। सर्दी अभी शुरू हुई है और दफ्तरों का हाल यह है कि अफसर देर से दफ्तर पहुंच रहे हैं। फरियादी सुबह से ही जिला मुख्यालय पहुंच जाते हैं। जनसुनवाई का समय सुबह नौ से 11 बजे तक निर्धारित है। नौ बजे तो कोई अधिकारी दफ्तर में आता ही नहीं है।
अमर उजाला ने जब पड़ताल की तो कई दफ्तरों में अफसर नहीं दिखे। सुबह 11 बजे से 12 बजे के बीच कई अधिकारियों की कुर्सियां खाली थी। फरियादी भटक रहे थे।
दृश्य एक : समय-10.55 बजे। स्थान - जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय। जिला कार्यक्रम अधिकारी कक्ष की कुंडी बाहर से लगी हुई थी। डीपीओ आभा सिंह की अनुपस्थिति थी लेकिन कार्यालय में तैनात कर्मचारी कामकाज में व्यस्त थे।
दृश्य दो : समय-10.50 बजे । स्थान जिला युवा कल्याण अधिकारी कक्ष। युवा कल्याण एवं विकास दल अधिकारी विकास यादव की कुर्सी खाली दिखाई दी। विकास यादव के पास बीडीओ मदनपुर का भी चार्ज है। जानकारी करने पर पता चला कि वह हफ्ते में दो दिन यहां यहां आते हैं।
दृश्य तीन : समय 10:56 बजे। स्थान-लघु सिंचाई विभाग। सहायक अभियंता लघु सिंचाई कक्ष में रखी उनकी कुर्सी खाली पडी थी। पता चला कि वे किसी कार्यवश थोडी देर पहले ही कहीं बाहर गए हुए हैं।
दृश्य चार : समय 10:52। स्थान परियोजना अधिकारी नगरीय विकास प्राधिकरण। पीओ डूडा कक्ष में मौजूद नहीं थे। इसके अतिरिक्त उनके कक्ष में बैठने वाला कंप्यूटर ऑपरेटर एवं एक अन्य सुपरवाइजर भी कक्ष में मौजूद नहीं था।
- रामदासपुरा से आया हूं। कई बार पहले भी आया। कार्यालय के बाबू सुनवाई नहीं करते हैं। पीएम आवास की किश्त जारी नहीं की जा रही है। अधिकारी मिले नहीं।
कई दिन हो गए। मोहल्ला में संचालित आंगनबाडी केंद्र नहीं खुल रहा है। मैडम से मिलने आई। लेकिन वे कार्यालय में नहीं थीं। कार्यालय में कई सुपरवाइजर बैठी थी, लेकिन उन्होंने सुनवाई नहीं की।
समय निकाल कर जैसे-तैसे यहां आए। न तो जिला पूर्ति अधिकारी मिले और न ही पीओ डूडा मिले। ऑटो का किराए में बेवजह पैसे खर्च हो गए।
जो भी अधिकारी-कर्मचारी नियत समय पर बगैर किसी कारण कार्यालय में अनुपस्थित मिलेगा। उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। जांच कराएंगे शिकायत सही मिलने पर कार्यवाही भी होगी।
नगर निगम पर सर्दी का असर चढ़ने लगा है। बुधवार को सुबह 11.30 बजे नगर निगम में निर्माण विभाग तो खुला, लेकिन कुर्सियां खाली थीं। कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। अलग-अलग क्षेत्रों से कई लोग मेयर को अपनी समस्याएं बताने नगर निगम में पहुंचे थे।
नगर निगम में अधिकारी छुट्टी पर चल रहे हैं तो कर्मचारियों ने भी मौज है। नगर निगम के बाहर बना कंट्रोल रूम शोपीस बना है। लोग कंट्रोल रूम कक्ष की ओर अपनी शिकायत कराने के लिए आते हैं, मगर ताला देखकर वापस लौट जाते हैं।