मैनपुरी। एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दिए हैं। द्वितीय नोटिस का जवाब मिलने के बाद इनकी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है। बीएसए ने अब निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखकर आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव मांगा है।
एसआईटी ने एक वर्ष पूर्व जिले में 80 शिक्षकों को फर्जी घोषित किया था। बीएड की फर्जी डिग्री प्राप्त कर शिक्षक बनने वाले जिले के 80 शिक्षक-शिक्षिकाओं को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। इन शिक्षक-शिक्षिकाओं को बर्खास्तगी से पूर्व दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। शिक्षक-शिक्षिकाओं के नोटिस से विभाग संतुष्ट नहीं है। विभाग इन शिक्षकों की सेवाएं भी समाप्त नहीं कर पा रहा है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने किसी भी प्रकार की विभागीय चूक न हो जाए इसे देखते हुए निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखकर अगली कार्रवाई के लिए सुझाव मांगा है।
फर्जी शिक्षकों को हर माह समय से मिल रहा वेतन
एसआईटी की रिपोर्ट में फर्जी घोषित होने के बाद भी जिले के 80 शिक्षक हर माह वेतन पा रहे हैं। हालांकि पूर्व में इनके वेतन पर रोक लगाई गई थी। बाद में मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद वेतन पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। इससे इन शिक्षकों को नियमित वेतन मिल रहा है।
विश्वविद्यालय नहीं दे रहा है कोई जवाब
पूर्व में बीएसए ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। इस पर विश्वविद्यालय ने कोई जवाब नहीं दिया है। अब बीएसए के सामने दिक्कत यह है कि वे केवल एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों को किस प्रकार से बर्खास्त कर दें। यही कारण है कि बीएसए ने निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद से आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव मांगा है।
एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों पर आगे की कार्रवाई के लिए निदेशक को पत्र लिखा जा रहा है। आगे की कार्रवाई निदेशक के निर्देशन में की जाएगी।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए