एटा। परिषदीय एवं राजकीय स्कूलों में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से जिले में शिक्षकों का टोटा और बढ़ रहा है। राजकीय विद्यालयों के 13 टीचर्स जहां स्थानांतरित होकर अन्य जिलों को गए हैं वहीं बाहर से मात्र तीन शिक्षक ही आएं हैं। परिषदीय स्कूलों से स्थानांतरित हुए 150 टीचर्स के विरुद्ध अभी तक आने वालों की कोई सूची नहीं है।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे जिले में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण आदेश भारी पड़ रहे हैं। साथ ही शिक्षकों का टोटा और बढ़ रहा है। क्योंकि जिले से जाने वालों की संख्या आने वालों से कहीं अधिक है। राजकीय विद्यालयों से स्थानांतरित हुए 13 शिक्षक शिक्षिकाओं के जवाब में अन्य जिलों से आने वालों की संख्या मात्र तीन है। ऐसे में इन संस्थाओं में टीचर्स की किल्लत और बढ़ने वाली है।
सह जिलाविद्यालय निरीक्षक एसके वर्मा के अनुसार जिले से 13 प्रधानाध्यापक-शिक्षक शिक्षिकाएं गैर जिलों के लिए स्थानांतरित हुए हैं जबकि बाहर से मात्र तीन टीचर्स ही आए हैं।
परिषदीय स्कूलों में तो और भी बुरा हाल है। जिले से स्थानांतरित हुए 150 शिक्षक शिक्षिकाओं के जवाब में अभी तक जिले में आने वालों की कोई भी सूची प्राप्त नहीं है। न ही अभी तक बाहर के टीचर्स ने ज्वाइन ही किया है। ऐसे में शिक्षकों की कमी और बढ़ेगी।
जिले में संचालित कुल परिषदीय विद्यालय-1927
कुल प्राथमिक विद्यालय-1366
कुल उच्च प्राथमिक विद्यालय-561
स्थानंातरित शिक्षक शिक्षिकाएं-150
शेष शिक्षक-शिक्षिकाएं-5124
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में जिले के 152 टीचर्स बाहर जा रहे हैं। सौ से अधिक रिलीव होकर जा भी चुके हैं। लेकिन अभी तक बाहरी जिलों से आने वालों की सूची नहीं है। न ही किसी ने भी ज्वाइन किया है।
जितेंद्र सिंह यादव, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी