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परिश्रम का कोई शार्टकट नहीं - नंदिता

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परिश्रम का कोई शार्टकट नहीं - फोटो : अमर उजाला
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एटा। एसएसटी, कंप्यूटर व अंग्रेजी में शत प्रतिशत अंक पाने वाली जिला टॉपर नंदिता गुप्ता आईआईटी से इंजीनियरिंग करके देश की सेवा करना चाहती हैं। नियमित पांच से छह घंटे की पढ़ाई को वह पर्याप्त बताने वाली नंदिता कहती हैं कि मेहनत का शार्टकट नहीं होता। इनके अनुसार मन लगाकर पांच घंटे की रेगुलर पढ़ाई से बड़ी से बड़ी सफलता पाई जा सकती है।
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पढ़ाई के साथ ही डांस, ड्राइंग एवं पेंटिंग को भी समय देने वाली छात्रा जिले की नकल बहुल एवं अपराध बहुल छवि से आहत है। लेकिन इस बार यूपी बोर्ड परीक्षाओं में भी सख्ती से उसे खुशी है। बेटियों के लिए मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर खुशी जता रही नंदिता कहती है कि मोदी योगी युग में बेटियों का सम्मान ही नहीं हौसला भी बढ़ा है। राजनीति में अरुचि की बात कहने वाली मेधावी छात्रा मोदी की प्रशंसक है। वह उन्हें आजीवन प्रधानमंत्री देखना चाहती है। नंदिना ने अपनी सफलता का श्रेय भगवान व माता पिता को दिया। उसके अनुसार पिता एवं शिक्षिका मां उसका पूरा खयाल ही नहीं रखतीं वरन मार्गदर्शन भी करती हैं। बताते चलें कि असीसी कांवेंट स्कूल की छात्रा नंदिता के पिता दीपक कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी एवं मां दीपा गुप्ता उच्च प्राथमिक विद्यालय चाटी में प्रधानाध्यापिका हैं।
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