मौसम में आ रहे बदलाव और तूफान के अलर्ट ने हर किसी को डरा दिया है। सोशल मीडिया, टीवी चैनल्स और लोगों की चर्चा मेें सिर्फ तूफान है। आए दिन मौसम विभाग के अलर्ट को लेकर लोग परेशान हैं। बादल छाते ही घरों की ओर दौड़ लगाने लगते हैं। वहीं कासगंज में तो तूफान से निपटने की व्यवस्था ही नहीं है। जिला अस्पताल मेें चिकित्सक और दवाएं कम हैं तो बिजली विभाग के पास तार और पोल टूटने पर इन्हें दुरुस्त करने की व्यवस्था नहीं है।
पिछले दिनों आगरा में आए तूफान ने तबाही मचाई थी। लगातार दो बार आए तूफान से अब तक आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा में करीब 55 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। सोमवार को एक बार फिर तूफान की आशंका से लोग परेशान हो गए। अलर्ट को देखते हुए लोग पूरे दिन टीवी के आगे तूफान की स्थिति का जायजा लेते रहे। इस दौरान लोगों ने पड़ोसी जिलों में हुई तबाही को लेकर चर्चा भी की। मौसम का मिजाज सोमवार को फिर बदला नजर आया। इस दौरान घंटाघर, बाबूगंज, हाथी गेट, सुभाष मूर्ति, बासमंडी, मेहता पार्क, किराना बाजार, सब्जी मंडी में भी लोग कम नजर आए।
कासगंज में बने स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 93 चिकित्सकों के पदों में 28ही तैनात हैं। इनमें से करीब आधा दर्जन चिकित्सक डिप्टी सीएमओ, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सहित अन्य पदों को संभालते हैं। अस्पताल में 321 प्रकार की दवाओं के सापेक्ष 153 प्रकार की दवाएं ही मौजूद हैं। जिला अस्पताल में 34 चिकित्सकों की जगह है लेकिन यहां तैनात सिर्फ आठ की है।
आंधी व तूफान आने पर बिजली के पोल टूटने की संभावना रहती है, लेकिन विद्युत विभाग के पास न तो पर्याप्त तार हैं न ही पोल। ट्रांसफार्मर का स्टॉक भी नहीं है। दमकल विभाग भी संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिले में मात्र तीन गाड़ियां ही मौजूद हैं। दमकल कर्मियों का भी अभाव है।
तूफान के समय रखें ध्यान
- तूफान के दौरान घर से बाहर न निकलें।
- अगर कोई दिक्कत महसूस होती है तो खुले स्थान पर चले जाएं।
- कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत 100 नंबर पर सूचना दें।
- हादसे की स्थिति में लोग सहायता पहुंचने तक लोगों की मदद करें।
बिजली विभाग के पास बिजली के पोल, तार का स्टॉक आम दिनों की आवश्यकता के हिसाब से ही रहता है। अधिक आवश्यकता पर बाहर से व्यवस्था करनी पड़ती है।
- हरीमोहन, अधीक्षण अभियंता, कासगंज
जिले में चिकित्सकों की काफी कमी है, लेकिन विभाग ने अलर्ट के हिसाब से व्यवस्थाएं कर ली हैं। वार्डों को रिजर्व किया है।
- डॉ. रंगजी दुबे, सीएमओ, कासगंज