फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा में जिले भर से लाभार्थी बुलाए गए थे। उज्ज्वला योजना के तहत लाभ लेने वाली महिलाएं बुलाई गई थी। मुस्लिम महिलाएं भी कार्यक्रम में पहुंची, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले बुर्का पहन कर आईं मुस्लिम महिलाओं के बुर्के एंट्री गेट पर ही उतरवा लिए गए। तब उन्हें कार्यक्रम स्थल पर अंदर जाने की इजाजत दी गई।
करीमगंज, कश्मीरीगेट, रामगढ़ समेत कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से बड़ी सख्या में मुस्लिम महिलाएं पुलिस लाइन में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन में बुलाई गई थी। इनमें से अधिकांश महिलाएं उज्ज्वला योजना की पात्र थी। इन्हें फ्री रसोई गैस कनेक्शन दिया गया था। पुलिस लाइन में जिस स्थान से कार्यक्रम स्थल के लिए एंट्री थी वहां सुरक्षा व्यवस्थाए सख्त थी। तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा अंदर नहीं ले जाने दिया जा रहा था। सघन तलाशी के बाद अंदर जाने दिया जा रहा था।
जिनके पा्स तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट मिला उसे गेट पर रखवा लिया गया। इसी तरह काले रंग का बुर्का पहन कर आईं मुस्लिम महिलाओं को अंदर नहीं जाने दिया गया। उनसे बुर्का उतारने को कहा गया। महिला पुलिसकर्मी गेट पर थी। गेट के एक साइड में टेंट के कपडे़ की कनात लगाई गई थी। यहां मुस्लिम महिलाओं से बुर्का उतरवाकर अंदर जाने दिया गया। अधिकांश महिलाओं ने संकोच किया। महिलाओं ने कहा बुर्का क्यों उतारें...।
जब अंदर नहीं जाने दिया गया तो महिलाओं ने बुर्का उतार कर साइड में लगी कनात में डाल दिए। काफी संख्या में काले रंग के बुर्के एकत्रित हो गए। महिलाएं जब कार्यक्रम खत्म होने के बाद वापस लौटी तो बुर्के लेने कनात में पहुंची तो बुर्के एक दूसरे से मिले पडे़ थे। महिलाएं काफी देर तक अपना बुर्का तलाशती रहीं। इसके बाद वे बुर्का पहन कर घर गईं। गुस्साई मुस्लिम महिलाओं ने कहा इस तरह से बुर्के उतरवाना ठीक नहीं है।